NXT Summit 2026: क्या वाकई अब भारत दुनिया की दिशा तय करेगा? NXT समिट में PM मोदी ने दिए वो 10 संकेत, जिन्होंने दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.
NXT Summit 2026: नई दिल्ली का भारत मंडपम आज एक ऐसे ऐतिहासिक संगम का गवाह बन रहा है जहां दुनिया के 40 से अधिक देशों के 100 सांसद और दिग्गज राजनेता भारत की प्रगति की नई इबारत लिखने जुटे हैं. गुरुवार, 12 मार्च की यह ऐतिहासिक तारीख एक बार फिर गवाह बनी भारत के बढ़ते कदमों की. भारत मंडपम में आयोजित ‘NXT समिट 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल देश का विजन रखा, बल्कि वैश्विक संकटों के बीच देशवासियों का हौसला भी बढ़ाया. दांडी यात्रा के करीब 100 साल बाद, पीएम ने ‘विकसित भारत’ की नई यात्रा का शंखनाद किया.
समिट में बोलते हुए, मोदी ने कहा, “किसी देश के डेवलपमेंट में एक बड़ा फैक्टर यह है कि हम चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं. हम सभी जानते हैं कि ग्लोबल हालात अचानक बदल जाते हैं. हाल के सालों में, हमने COVID-19 देखा, फिर रूस-यूक्रेन संकट, और अब, हम अपने बहुत करीब एक और बड़े युद्ध का सामना कर रहे हैं.” उन्होंने बताया कि चल रहे ग्लोबल संघर्षों ने दुनिया भर के देशों पर असर डालने वाले एक बड़े संकट को भी जन्म दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा, “इस युद्ध ने पूरी दुनिया को एक बड़े एनर्जी संकट में डाल दिया है.”
मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे समय किसी देश की ताकत और लचीलेपन का टेस्ट लेते हैं. उन्होंने कहा, “ऐसे मुश्किल हालात में, हम एक देश के तौर पर कैसे रिस्पॉन्ड करते हैं, यह बहुत ज़रूरी है. संकट का समय पूरे देश के लिए एक टेस्ट होता है.”
उन्होंने मुश्किल हालात को सब्र और मिलकर कोशिश करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया. प्रधानमंत्री के मुताबिक, शांत रहने और मिलकर काम करने से देश सबसे मुश्किल हालात से भी उबर सकता है. उन्होंने कहा, “हमें हालात से शांति और सब्र से निपटना चाहिए. हमें लोगों का भरोसा बढ़ाकर और लोगों में जागरूकता फैलाकर आगे बढ़ना चाहिए, और इसमें हर किसी की भूमिका है.”समाज के अलग-अलग हिस्सों की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, मोदी ने कहा कि तरक्की और संकट का मैनेजमेंट अकेले सरकार नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, “हर राजनीतिक पार्टी, मीडिया, सामाजिक संगठन, इंडस्ट्री, युवा, गाँव और शहर सभी अहम भूमिका निभाते हैं.”
प्रधानमंत्री ने COVID-19 महामारी के दौरान सीखे गए सबक का भी ज़िक्र किया, और कहा कि मिलकर काम करने से देश को संकट से ज़्यादा असरदार तरीके से निपटने में मदद मिली. उन्होंने कहा, “हमने COVID-19 महामारी के दौरान देखा है कि जब हर कोई मिलकर काम करता है, तो देश की संकट से उबरने की क्षमता तेज़ी से बढ़ जाती है.”
उन्होंने यह ज़ोर देकर कहा कि भारत को नई चुनौतियों से निपटते हुए एकजुट रहना चाहिए. “आज, देश एक और चुनौती का सामना कर रहा है, और हमें इसका सामना करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. हमें देश के हितों को सबसे ऊपर रखते हुए अपनी ज़िम्मेदारियाँ पूरी करनी चाहिए.”
पीएम ने कहा कि 1930 में आज ही के दिन बापू ने आजादी के लिए दांडी यात्रा शुरू की थी. आज लगभग 100 साल बाद, हम भारतीय फिर एक नई यात्रा पर निकले हैं और यह मंजिल है विकसित भारत.
देश में गैस की कमी की खबरों को पीएम ने सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपना एजेंडा चलाने के लिए ‘पैनिक’ (घबराहट) पैदा कर रहे हैं. ऐसा करने वाले देश का नुकसान कर रहे हैं और जनता के सामने खुद एक्सपोज हो रहे हैं.
आंकड़ों के जरिए बदलाव की तस्वीर रखते हुए पीएम ने बताया कि 2014 तक देश में सिर्फ 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे. आज यह संख्या दोगुनी से भी अधिक यानी 33 करोड़ पार कर चुकी है. उन्होंने गैस पाइपलाइन नेटवर्क को भी 3,500 किमी से बढ़ाकर 10,000 किमी करने का जिक्र किया.
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों से अपील की कि वे एलपीजी की सप्लाई पर कड़ी निगरानी रखें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों का बोझ देश के आम नागरिक पर न पड़े, यह सरकार की प्राथमिकता है.
फिनलैंड के राष्ट्रपति के बयान का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि अब दुनिया की दिशा ग्लोबल साउथ तय करेगा और उसकी सबसे बड़ी शक्ति भारत होगा. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत में होना ही होगा.’
पीएम ने कहा कि युद्ध या महामारी जैसे समय में देश का धैर्य और उसकी प्रतिक्रिया विकास की दिशा तय करती है. उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सब मिलकर लड़ते हैं, तो देश की ताकत कई गुना बढ़ जाती है.
UPI से लेकर फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, पीएम ने कहा कि भारत अब सिर्फ आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि खुद को नेक्स्ट लेवल पर ले जा रहा है. भारतीयों का आत्मविश्वास आज सातवें आसमान पर है.
ग्लोबल एनर्जी संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 में देश में सिर्फ 4 LNG टर्मिनल थे, जो अब बढ़कर 8 हो गए हैं. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भरता कम कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने मीडिया, युवाओं, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखें. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हम किसी भी वैश्विक चुनौती को हरा सकते हैं.
उन्होंने 21वीं सदी के इस दौर को ऐतिहासिक बताया. एक तरफ युद्ध की विभीषिका है और सप्लाई चेन ठप है, वहीं दूसरी तरफ भारत अपनी रिफॉर्म एक्सप्रेस और टी20 वर्ल्ड कप जैसी सफलताओं के साथ मुस्कुरा रहा है.
NXT एक वैश्विक मंच है जो दुनिया भर के लीडर्स, इनोवेटर्स और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाता है. यह आईटीवी (iTV) नेटवर्क की पहल है, जिसे ‘संडे गार्जियन फाउंडेशन’ और ‘न्यूजएक्स’ के सहयोग से आयोजित किया गया है. इसका उद्देश्य भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को दुनिया के साथ जोड़ना और भविष्य की चुनौतियों (जैसे AI, हेल्थ, और ग्रीन एनर्जी) पर रणनीतिक चर्चा करना है. इस समिट की परिकल्पना राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने की है.
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