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President Murmu Speech Republic Day Eve: 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और भाईचारा भारत की पहचान हैं और देश और विदेश में रहने वाले भारतीय बड़े उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. उन्होंने गणतंत्र दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. इस दौरान चलिए विस्तार से जानें राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण की 10 बड़ी बातें.
राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण की 10 बड़ी बातें
1. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें देश की पिछली, वर्तमान और भविष्य की स्थिति और दिशा पर विचार करने का अवसर देता है. उन्होंने आगे कहा कि 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता संग्राम के कारण हमारे देश का रास्ता बदल गया; भारत स्वतंत्र हुआ और हम अपनी राष्ट्रीय नीति के निर्माता बने.
2. 26 जनवरी, 1950 से, हम अपने गणतंत्र को संवैधानिक आदर्शों की ओर आगे बढ़ा रहे हैं. उस दिन, हमने अपने संविधान को पूरी तरह से लागू किया. लोकतंत्र की जननी भारत औपनिवेशिक कानूनों और नियमों से मुक्त हुआ और हमारा लोकतांत्रिक गणतंत्र अस्तित्व में आया. हमारा संविधान दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का मौलिक दस्तावेज है. हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्श हमारे गणतंत्र को परिभाषित करते हैं. संविधान निर्माताओं ने संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से राष्ट्रवाद की भावना और देश की एकता के लिए एक मजबूत नींव रखी.
3. राष्ट्रपति ने आगे कहा कि लौह पुरुष, सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमारे राष्ट्र को एकजुट किया. पिछले साल, 31 अक्टूबर को, कृतज्ञ देशवासियों ने उत्साहपूर्वक उनकी 150वीं जयंती मनाई. उनकी 150वीं जयंती से संबंधित स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. ये उत्सव लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को मजबूत करते हैं.
4. उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, हमारी प्राचीन सांस्कृतिक एकता का ताना-बाना हमारे पूर्वजों ने बुना था. राष्ट्रीय एकता के रूपों को जीवित रखने का हर प्रयास अत्यंत सराहनीय है. पिछले साल 7 नवंबर से, हम अपने राष्ट्रीय गीत, वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं. यह गीत, जो भारत माता के दिव्य रूप का सम्मान करता है, लोगों के दिलों को देशभक्ति की भावना से भर देता है.
5. 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 25 जनवरी को हमारे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है. हमारे वयस्क नागरिकों ने अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए उत्साह से वोट डाले.
6. बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का मानना था कि वोट देने का अधिकार राजनीतिक ईमानदारी सुनिश्चित करता है. हमारे वोटर बाबासाहेब के विजन के अनुसार अपनी राजनीतिक जागरूकता दिखा रहे हैं.
7. वोटिंग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी हमारे गणतंत्र का एक मज़बूत पहलू है. देश के विकास के लिए महिलाओं की सक्रिय और सशक्त भागीदारी जरूरी है. हमारी बहनें और बेटियाँ पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ रही हैं. महिलाएx देश के समग्र विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं.
8. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत लगातार आर्थिक विकास हासिल कर रहा है. हम निकट भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
9. विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में निवेश करके, हम अपनी आर्थिक संरचना को उच्च स्तर पर फिर से बना रहे हैं. आज़ादी के बाद देश के आर्थिक एकीकरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैसला, GST का लागू होना, ने ‘एक राष्ट्र, एक बाज़ार’ प्रणाली स्थापित की है.
10. GST प्रणाली को और भी प्रभावी बनाने के हाल के फैसलों से हमारी अर्थव्यवस्था और मज़बूत होगी. श्रम सुधारों के क्षेत्र में, चार श्रम संहिताएँ जारी की गई हैं. इनसे हमारे श्रमिकों को फायदा होगा और उद्यमों के विकास में भी तेज़ी आएगी.