Shikhar Dhawan Property Settlement Case: पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने हाल ही में लंबे समय के रिश्ते के बाद अपनी गर्लफ्रेंड सोफी से शादी की. उन्होंने दूसरी शादी की है. वहीं शादी के कुछ दिन बाद ही शिखर धवन को बड़ी कानूनी जीत मिली है. पटियाला हाउस कोर्ट ने शिखर धवन की पहली पत्नी आयशा मुखर्जी को आदेश दिया है कि वे अपने पति को 5.7 करोड़ रुपये वापस करें. ये रकम उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अंतरिम प्रोपर्टी सेटलमेंट के तहत क्रिकेटर से मिली थी.
बता दें कि शिखर धवन भारतीय क्रिकेटर रहे हैं. वहीं आयशा मुखर्जी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं. साल 2023 में दोनों ने तलाक ले लिया था. इस तलाक को पटियाला हाउसकोर्ट ने मंजूरी दी थी. इसके बाद से शिखर धवन की कानूनी लड़ाई जारी है. ऑस्ट्रेलिया के फैमिली कोर्ट से आदेश मिलने के बाद सेटलमेंट का मामला शुरू हुआ.
सुनवाई के दौरान क्या बोले जस्टिस?
पटियाला हाउस कोर्ट के जस्टिस देवेंद्र कुमार गर्ग ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि शिखर धवन की तरफ से बनाए गए सभी दस्तावेज अमान्य थे, जिसके कारण उनकी एक्स वाइफ आयशा के साथ उनका तलाक हुआ. कोर्ट ने आयशा को निर्देश दिया कि जब से धवन ने केस किया है, तब से अब तक 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ 5.7 करोड़ रुपये की रकम वापस करनी होगी. उन्होंने कहा कि शिखर धवन और आयशा के तलाक पर सुनवाई करने का अधिकार ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट को नहीं है.उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में प्रोपर्टी सेटलमेंट का कानून भारत से काफी अलग है. इस बात को कहते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के लागू किए गए आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है.
प्रोपर्टी बेचकर पैसे देने का आदेश
बता दें कि तलाक के बाद ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने धवन को आदेश दिया था कि वे अपनी प्रॉपर्टी बेचकर आयशा को पैसे दें. हालांकि दिल्ली कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पति-पत्नी की संपत्ति को मैरिटल पूल माना जाता है लेकिन भारतीय कानून में ऐसा नहीं है. अगर कपल ने भारत में शादी की थी, तो तलाक के मामले में भी भारतीय कानून के नियम लागू होंगे.
2012 में शादी के बाद से धमकी दे रही थी आयशा
जानकारी के अनुसार, शिखर धवन और आयशा मुखर्जी ने साल 2012 में शादी की थी. शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी आयसा ने धमकी देना शुरू कर दिया था. उनके खिलाफ मनगढ़ंत कहानियां बनाकर अफवाहें फैलाईं और उनकी रेप्युटेशन और क्रिकेट करियर को बर्बाद करने की बात कही. लंबी लड़ाई के बाद शिखर ने कानूनी लड़ाई जीत ली है.