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Home > अजब गजब न्यूज > ₹11.4 करोड़ का मालिक है क्लाइंट, फिर भी मांगी ₹15,000 की छूट, सोशल मीडिया पर वायरल हुई CA की पोस्ट

₹11.4 करोड़ का मालिक है क्लाइंट, फिर भी मांगी ₹15,000 की छूट, सोशल मीडिया पर वायरल हुई CA की पोस्ट

दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक ऐसी पोस्ट शेयर की जो वायरल हो गई. उन्होंने बताया कि एक हाई नेट वर्थ वाले इंडिविजुअल (HNI) उनके पास नेट वर्थ सर्टिफिकेशन के लिए आए थे, जिन्होंने ₹1 लाख की फीस पर ₹15,000 की छूट मांगी.

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Last Updated: April 7, 2026 12:05:08 IST

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दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक ऐसी पोस्ट शेयर की जो वायरल हो गई. उन्होंने बताया कि एक हाई नेट वर्थ वाले इंडिविजुअल (HNI) उनके पास नेट वर्थ सर्टिफिकेशन के लिए आए, जिसमें उनकी कुल संपत्ति ₹11.4 करोड़ निकली. 

लेकिन इस धनाढ्य क्लाइंट ने ₹1 लाख की फीस पर ₹15,000 की छूट मांगी और खुशी-खुशी ₹85,000 देकर चला गया. नितिन ने अपने पोस्ट में लिखा, “हाँ, ऐसे क्लाइंट भी मौजूद हैं.”

वायरल पोस्ट का विवरण 

यह पोस्ट इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया क्योंकि लोगों में यह आम धारणा है कि करोड़ों के मालिक आसानी से पैसे खर्च कर देते हैं. लेकिन नितिन का अनुभव बिल्कुल उलटा था. क्लाइंट की संपत्ति का स्रोत कई छोटे-छोटे प्लॉट्स, स्टार्टअप्स में निवेश और कई फर्मों में पार्टनरशिप थी. उन्हें Upstox ब्रोकरेज फर्म के लिए नेट वर्थ सर्टिफिकेट चाहिए था. नितिन ने जब उनका काम कर दिया तो क्लाइंट ने फीस पर मोलभाव शुरू कर दिया.

नितिन ने आगे स्पष्ट किया कि यह क्लाइंट उनका पुराना क्लाइंट है. पिछले साल उसकी नेट वर्थ कम थी और उसने ₹45,000 दिए थे. हाल ही में विदेशी होल्डिंग्स बेचकर उन्होंने प्लॉट्स और स्टार्टअप्स में निवेश किया. साथ ही उन्हें कुछ पैतृक संपत्ति भी मिली है. नितिन का यह अनुभव बताता है कि धनाढ्य लोग भी हर पैसे का हिसाब रखते हैं और वैल्यू फॉर मनी की भूमिका को बढ़ावा देते हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया 

पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं. कुछ ने इसे हास्यपूर्ण बताया और खुद के अनुभव शेयर किए. एक यूजर ने लिखा कि उनके पास भी ऐसे क्लाइंट आते हैं जो छोटी रकम पर भी सौदा करते हैं, लेकिन कुछ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की फीस संरचना पर भी सवाल उठाए.

एक यूजर ने लिखा,  “इतनी संपत्ति पर ₹1 लाख फीस ज्यादा लगती है.” इस पर नितिन ने जवाब दिया, “जब प्रैक्टिस बढ़ती है तो प्रीमियम क्लाइंट्स पर शिफ्ट होते हैं. अगर आपको प्रीमियम क्लाइंट्स नहीं मिलते तो आपकी सर्विस पुरानी या औसत हो सकती है.

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दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक ऐसी पोस्ट शेयर की जो वायरल हो गई. उन्होंने बताया कि एक हाई नेट वर्थ वाले इंडिविजुअल (HNI) उनके पास नेट वर्थ सर्टिफिकेशन के लिए आए, जिसमें उनकी कुल संपत्ति ₹11.4 करोड़ निकली. 

लेकिन इस धनाढ्य क्लाइंट ने ₹1 लाख की फीस पर ₹15,000 की छूट मांगी और खुशी-खुशी ₹85,000 देकर चला गया. नितिन ने अपने पोस्ट में लिखा, “हाँ, ऐसे क्लाइंट भी मौजूद हैं.”

वायरल पोस्ट का विवरण 

यह पोस्ट इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया क्योंकि लोगों में यह आम धारणा है कि करोड़ों के मालिक आसानी से पैसे खर्च कर देते हैं. लेकिन नितिन का अनुभव बिल्कुल उलटा था. क्लाइंट की संपत्ति का स्रोत कई छोटे-छोटे प्लॉट्स, स्टार्टअप्स में निवेश और कई फर्मों में पार्टनरशिप थी. उन्हें Upstox ब्रोकरेज फर्म के लिए नेट वर्थ सर्टिफिकेट चाहिए था. नितिन ने जब उनका काम कर दिया तो क्लाइंट ने फीस पर मोलभाव शुरू कर दिया.

नितिन ने आगे स्पष्ट किया कि यह क्लाइंट उनका पुराना क्लाइंट है. पिछले साल उसकी नेट वर्थ कम थी और उसने ₹45,000 दिए थे. हाल ही में विदेशी होल्डिंग्स बेचकर उन्होंने प्लॉट्स और स्टार्टअप्स में निवेश किया. साथ ही उन्हें कुछ पैतृक संपत्ति भी मिली है. नितिन का यह अनुभव बताता है कि धनाढ्य लोग भी हर पैसे का हिसाब रखते हैं और वैल्यू फॉर मनी की भूमिका को बढ़ावा देते हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया 

पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं. कुछ ने इसे हास्यपूर्ण बताया और खुद के अनुभव शेयर किए. एक यूजर ने लिखा कि उनके पास भी ऐसे क्लाइंट आते हैं जो छोटी रकम पर भी सौदा करते हैं, लेकिन कुछ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की फीस संरचना पर भी सवाल उठाए.

एक यूजर ने लिखा,  “इतनी संपत्ति पर ₹1 लाख फीस ज्यादा लगती है.” इस पर नितिन ने जवाब दिया, “जब प्रैक्टिस बढ़ती है तो प्रीमियम क्लाइंट्स पर शिफ्ट होते हैं. अगर आपको प्रीमियम क्लाइंट्स नहीं मिलते तो आपकी सर्विस पुरानी या औसत हो सकती है.

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