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देश के 12 राज्यों में SIR के बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 6.5 करोड़ मतदाताओं ने कभी नहीं किया मतदान

SIR Process: देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 51 करोड़ मतदाताओं की जांच की गई. ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन राज्यों में मतदाताओं की संख्या 45.8 करोड़ रह गई हैं.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 12, 2026 11:58:40 IST

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SIR Process: भारतीय चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. जिसके तहत मतदाता सूचियों से लगभग 5.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. यह आंकड़ा इन क्षेत्रों के कुल मतदाताओं का लगभग 10.2 प्रतिशत है. चुनाव आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान मतदाता सूचियों को स्वच्छ और सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाया गया था.

इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी बार पंजीकृत मतदाताओं के साथ-साथ अन्य अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाए गए, ताकि फर्जी मतदान की किसी भी गुंजाइश को खत्म किया जा सके.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि एसआईआर का पहला चरण बिहार में शुरू किया गया था, इसके बाद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु समेत 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर के दूसरे चरण की शुरूआत की गई थी. इस अभियान के दौरान कुल 51 करोड़ मतदाताओं की जांच की गई, जिनमे से 10.2 प्रतिशत नाम अनुपस्थित, मृत या फर्जी पाए जाने पर हटाए गए.

सबसे अधिक नाम कहां हटाए गए?

आंकड़ों के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नाम हटाए जाने का प्रतिशत सबसे अधिक रहा, जो कि 16.6 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसके बाद उत्तर प्रदेश का नाम आता है, जहां 11.3 प्रतिशत मतदाताओं का नाम सूची से हटाए गए. छत्तीसगढ़ में भी 11.3 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए. पश्चिम बंगाल में 10.9 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए, जहां एक न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से 27 लाख से अधिक नाम हटाए गए. इन राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पाए गए जो या तो स्थायी रूप से कहीं और चले गए थे या जिनकी मृत्यु हो चुकी थी.

6.5 करोड़ मतदाता ने कभी नहीं किया मतदान

इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. जिसे देखकर आप भी हैरान कर जांएगे. दरअसल, एसआईआर के दौरान पाया गया कि करीब 6.5 करोड़ ऐसे मतदाता थे, जिन्होंने कभी मतदान ही नहीं किया. इससे फर्जी वोटिंग की आशंका बनी रहती थी. लिहाजा उन्हें हटाने से एक शुद्ध और सटीक मतदाता सूची तैयार हुई है.

अब इन 12 प्रदेशों में शुद्धिकरण के बाद कुल 45.8 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में क्रमशः 20.9% और 10% की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पुडुचेरी में मतदाताओं की संख्या में 1% की शुद्ध गिरावट देखी गई है. मध्य प्रदेश में 5.7, राजस्थान में 5.4, केरल में 2.5 और लक्षद्वीप में 0.3% मतदाताओं की संख्या में कमी आई है.

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Written By: Sohail Rahman
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SIR Process: भारतीय चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. जिसके तहत मतदाता सूचियों से लगभग 5.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. यह आंकड़ा इन क्षेत्रों के कुल मतदाताओं का लगभग 10.2 प्रतिशत है. चुनाव आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान मतदाता सूचियों को स्वच्छ और सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाया गया था.

इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी बार पंजीकृत मतदाताओं के साथ-साथ अन्य अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाए गए, ताकि फर्जी मतदान की किसी भी गुंजाइश को खत्म किया जा सके.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि एसआईआर का पहला चरण बिहार में शुरू किया गया था, इसके बाद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु समेत 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर के दूसरे चरण की शुरूआत की गई थी. इस अभियान के दौरान कुल 51 करोड़ मतदाताओं की जांच की गई, जिनमे से 10.2 प्रतिशत नाम अनुपस्थित, मृत या फर्जी पाए जाने पर हटाए गए.

सबसे अधिक नाम कहां हटाए गए?

आंकड़ों के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नाम हटाए जाने का प्रतिशत सबसे अधिक रहा, जो कि 16.6 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसके बाद उत्तर प्रदेश का नाम आता है, जहां 11.3 प्रतिशत मतदाताओं का नाम सूची से हटाए गए. छत्तीसगढ़ में भी 11.3 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए. पश्चिम बंगाल में 10.9 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए, जहां एक न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से 27 लाख से अधिक नाम हटाए गए. इन राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पाए गए जो या तो स्थायी रूप से कहीं और चले गए थे या जिनकी मृत्यु हो चुकी थी.

6.5 करोड़ मतदाता ने कभी नहीं किया मतदान

इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. जिसे देखकर आप भी हैरान कर जांएगे. दरअसल, एसआईआर के दौरान पाया गया कि करीब 6.5 करोड़ ऐसे मतदाता थे, जिन्होंने कभी मतदान ही नहीं किया. इससे फर्जी वोटिंग की आशंका बनी रहती थी. लिहाजा उन्हें हटाने से एक शुद्ध और सटीक मतदाता सूची तैयार हुई है.

अब इन 12 प्रदेशों में शुद्धिकरण के बाद कुल 45.8 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में क्रमशः 20.9% और 10% की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पुडुचेरी में मतदाताओं की संख्या में 1% की शुद्ध गिरावट देखी गई है. मध्य प्रदेश में 5.7, राजस्थान में 5.4, केरल में 2.5 और लक्षद्वीप में 0.3% मतदाताओं की संख्या में कमी आई है.

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