West Bengal DA Case Verdict: ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार के खिलाफ और बंगाल के लोगों के हक में फैसला सुनाया है. दरअसल पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने DA मामले में अपने पिछले फैसले को बरकरार रखा है. गुरुवार को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को उनका बकाया महंगाई भत्ता (DA) दिया जाना चाहिए. आदेश के मुताबिक, राज्य सरकार को होली के आसपास तक बकाया DA का 25% देना होगा, बाकी 75% किश्तों में देना होगा.
पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 लाख लोगों को महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने 2008 से 2019 तक महंगाई भत्ते के एरियर का पेमेंट करने का आदेश दिया है.
6 मार्च तक पेमेंट कर दिया जाए-कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके पहले के अंतरिम आदेश के मुताबिक, DA के एरियर का 25% 6 मार्च तक पेमेंट कर दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी तय किया कि बाकी एरियर किश्तों में कैसे दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है.
परिवर्तनशील है महंगाई भत्ता-जस्टिस संजय करोल
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल ने अपने फैसले में कहा कि महंगाई भत्ता (DA) परिवर्तनशील है और इसका पेमेंट AICPI के हिसाब से किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि DA का पेमेंट दो बार नहीं किया जा सकता. हालांकि कर्मचारियों की DA की मांग कानूनी तौर पर सही है. इसलिए DA में देरी नहीं होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि DA का पेमेंट ROPA नियमों और AICPI के हिसाब से किया जाना चाहिए. DA का पेमेंट होना ही चाहिए.