लंदन (Kashmiri Pandit Genocide): ब्रिटेन की ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप के कश्मीरी पंडित प्रवासियों और सहयोगियों ने कश्मीरी पंडितों पर हुए नरसंहार के 33 साल पूरे होने पर घटनाक्रम को याद किया। इस कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को लंदन के हाउस ऑफ पार्लियामेंट में किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी ब्रिटिश हिन्दुओं के एपीपीजी समूह के सर्वदलीय संसदीय अध्यक्ष बॉब ब्लैकमैन ने की।
हाउस ऑफ पार्लियामेंट लंदन (फाइल फोटो)
नरसंहार को लेकर क्रॉस-पार्टी सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित एक अर्ली डे मोशन पेश किया गया था। जिसका उद्देश्य नरसंहार से पीड़ित लोगों को न्याय दिलाना है। बता दें कि बॉब ब्लैकमैन ने भारत और कश्मीरी हिंदू समुदाय के प्रति समर्थन को दोहराया। उन्होंने याद दिलाया कि बारामूला में 26 अक्टूबर को 11,000 से ज्यादा कश्मीरी पंडितों का नरसंहार हुआ था।
भारतीय उच्चायोग के प्रथम सचिव सर्वजीत सूदन ने कहा कि लोगों के बलिदान को याद किया जाना चाहिए और उनकी कहानियों को सुनना चाहिए। इस दौरान उन्होंने काश्मीरी पंडितों का सलाम किया। इस कार्यक्रम के लिए सांसद थेरेसा विलियर्स ने अपना संदेश भेजते हुए कहा है कि दुनिया को कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ हुए घोर अन्याय के बारे में जानकारी देनी चाहिए। कश्मीर पर नैरेटिव को बदलने का समय आ गया है ताकि हिंदुओं की आवाज सुनी जा सके।
इस मौके पर कश्मीरी पंडितों को याद करते हुए दुनियाभर से संदेश आए। कार्यक्रम में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का भी उल्लेख किया गया। जिनमें साल 2022 में आतंकवादियों के हाथों मारे गए कश्मीरी पंडित राहुल भट के पिता बिट्टा जी भट का भी खास संदेश था। कार्यक्रम में कश्मीर में एकता कायम करने पर जोर दिया गया।
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