मिडिल ईस्ट में वॉर की स्थिति बनी हुई है, जिस वजह से कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं. इस परिस्थिति में अबू धाबी ने फ्लाइट कैंसिलेशन से फंसे यात्रियों के लिए अनूठी पहल की है.
संस्कृति एवं पर्यटन विभाग (DCT अबू धाबी) ने 28 फरवरी को होटलों को निर्देश जारी किए कि वे प्रभावित मेहमानों को फ्री में ठहराव बढ़ाएं. उनकी इस पहल की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है.
पहल का पूरा विवरण
अबू धाबी के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने होटल मैनेजरों को सर्कुलर भेजा कि जो यात्री अनियंत्रित कारणों से (जैसे उड़ान रद्दीकरण) वापस नहीं जा पा रहे हैं, उनके लिए स्टे को एक्सटेंड करें. उन्होंने गाइडलाइन जारी कर कहा कि अतिरिक्त कमरों का बिल विभाग को सीधे भेजा जाए, ताकि यात्रियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े. यूएई जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने करीब 20,000 यात्रियों को होटलों या अस्थायी ठिकानों में रखा. इसके अलावा यात्रियों को भोजन व रिफ्रेशमेंट भी मुहैया कराए गए. यह कदम क्षेत्रीय फ्लाइट अराजकता के बीच ‘पीपल फर्स्ट’ अप्रोच के रूप में सराहा जा रहा है.
Wow. pic.twitter.com/fo7DSPfaXB
— Samir Arora (@Iamsamirarora) March 1, 2026
सोशल मीडिया पर जोरदार प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर लोगों ने अबू धाबी के इस जिम्मेदार व्यवहार की खूब तारीफ की. हेलियोस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने एक्स पर सर्कुलर शेयर कर लिखा, “वाह!” यह पोस्ट वायरल हो गई.” यूजर्स ने इसे “असली अतिथि देवो भव” कहा. एक यूजर ने लिखा, “अन्य जगहों पर आपातकाल में दोगुना-तिगुना किराया वसूलते, लेकिन यूएई ने लोगों को प्राथमिकता दी.” यह मानवीय संकट में सरकारी संवेदनशीलता का उदाहरण है. दूसरे यूजर ने लिखा, “इमरजेंसी वीजा से लेकर होटल एक्सटेंशन तक, यूएई संकट संभालने का सबक दे रहा.” एक और यूजर ने लिखा, “यूएई सबसे सुरक्षित देश है, नेता पर्यटकों व नागरिकों की परवाह करते हैं.” एक यूजर ने लिखा, “कोई अन्य देश पर्यटकों के लिए इतनी जिम्मेदारी नहीं लेता.” एक और यूजर ने लिखा, “यूएई सरकार सबसे संतुलित व सम्मानित है.”