Israel Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि पिछले दो दिनों से दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है. इस सकारात्मक चर्चा के बाद अमेरिका अगले पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर कोई हमला नहीं करने के लिए राजी हो गया है. पिछले तीन हफ्तों से युद्ध में उलझे इन दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत को ट्रंप ने बेहद अच्छी और सार्थक बताया है. हालांकि उन्होंने ज्यादा विवरण तो साझा नहीं किए, लेकिन यह जरूर कहा कि दोनों पक्षों ने मिडल ईस्ट में जारी दुश्मनी के पूर्ण समाधान पर चर्चा की है. शुक्रवार तक ट्रंप का कहना था कि ईरान का नेतृत्व खत्म हो चुका है और उनके पास बात करने के लिए कोई बचा ही नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा था कि, 'हमें यह स्थिति पसंद है.' लेकिन अचानक सोमवार को उन्होंने यह कहकर सबको चौंका दिया है यह अचानक हुआ हृदय परिवर्तन किसी के गले नहीं उतर रहा... ट्रंप का सोशल मीडिया संदेश दरअसल अपने अंदाज़ में डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पूरी बात कैपिटल लेटर्स में लिखते हुए कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और उपयोगी बातचीत हुई है. हम मध्य पूर्व में अपनी दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में चर्चा कर रहे हैं.' उन्होंने आगे बताया कि यह बातचीत काफी गहन, विस्तृत और रचनात्मक रही है और यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहेगा. पांच दिनों के लिए युद्ध पर रोक बातचीत के माहौल और सकारात्मक रुख को देखते हुए ट्रंप ने अपने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर किए जाने वाले सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह रोक इस बात पर निर्भर करेगी कि आगे की बैठकें और चर्चाएं कितनी सफल रहती हैं. 'हम उनसे बात करना चाहते हैं' यह कदम काफी हैरान करने वाला है क्योंकि हाल ही में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे थे. हालांकि शुक्रवार को ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह तेहरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. मौजूदा युद्ध में ईरान के कई बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था, 'अब वहां कोई नेता नहीं बनना चाहता. हमें बात करने के लिए कोई मिल ही नहीं रहा है... और सच कहूं, तो हमें यह स्थिति पसंद है.' एक पेंच अभी भी फंसा है: ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की इस घोषणा से ठीक पहले तेहरान के उच्च अधिकारियों के हवाले से खबर आई थी कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर चर्चा करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है. आपको बता दें कि यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रूट माना जाता है. ये भी पढ़ें: LPG Supply: तेल संकट के बीच राहत, अमेरिका से LPG भारत पहुंचा, हॉर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की ईरान को चेतावनी ‘यह इजरायल का थोपा हुआ…,’ आखिर क्यों ट्रंप के सबसे भरोसेमंद योद्धा ने ही छोड़ी जंग? केंट के पत्र ने अमेरिका में मचाया हड़कंप!