इंडिया न्यूज, वाशिंगटन :
FBI Alert अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा अमेरिकी चरमपंथियों को अमेरिकी धरती पर हमले की साजिश रचने के लिए प्रेरित कर सकता है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे यह चेतावनी दी है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि घरेलू आतंकवाद के मामले वर्ष 2020 से करीब 1,000 संभावित जांच से 2,700 तक बढ़ गए हैं। चरमपंथी समूहों ने कभी भी अमेरिका पर हमले की साजिश रचना बंद नहीं किया है।
Taliban File Photo
अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी के बाद तालिबान ने पिछले महीने वहां अपना कब्जा कर लिया है। तालिबान ने कहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगाा। भारत की अध्यक्षता में यूएनएससी ने अगस्त में एक प्रस्ताव पारित कर अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी अन्य देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को शरण देने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए नहीं किए जाने की मांग की थी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर की निदेशक क्रिस्टीन अबिजैद ने भी समिति से कहा कि तालिबान के कब्जे के बाद देश के लिए आतंकवाद का खतरा दो दशक पहले की तुलना थोड़ा बढ़ा है। अबिजैद ने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारी इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि अल कायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) आतंकवादी समूह कैसे अपनी सेना का पुनर्निर्माण कर सकते हैं और अमेरिका पर हमले को अंजाम दे सकते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 देशों से कहा कि तालिबान को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किसी भी प्रकार से नहीं करने देने की अपनी प्रतिबद्धता लागू करनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें उच्चस्तरीय सत्र के उन्होंने बुधवार को जी20 के विदेश मंत्रियों की एक बैठक को संबोधित किया।
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