ग्रीस के एक छोटे से गांव में स्थित एक चर्च इन दिनों दुनियाभर के पर्यटकों के लिए जिज्ञासा और रोमांच का नया केंद्र बना हुआ है. यह चर्च है “चर्च ऑफ द असम्पशन ऑफ मैरी.” यह चर्च पीसा की मीनार से भी ज्यादा झुका हुआ है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.
चर्च ऑफ द असम्पशन ऑफ मैरी
पीसा की मीनार को दूर-दूर से लोग सिर्फ इसलिए देखने आते हैं, क्योंकि यह तिरछी होने के बावजूद आज भी सीधी खड़ी है. ग्रीस में भी कुछ इसी तरह का दृश्य देखने को मिल रहा है.
ग्रीस के एक छोटे से गांव में स्थित एक चर्च इन दिनों दुनियाभर के पर्यटकों के लिए जिज्ञासा और रोमांच का नया केंद्र बना हुआ है. यह चर्च है “चर्च ऑफ द असम्पशन ऑफ मैरी”, जो ग्रीस के थेसाली (Thessaly) क्षेत्र में त्रिकाला शहर से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण–पश्चिम में बसे रोपोटो गांव में स्थित है. यह चर्च पीसा की मीनार से भी ज्यादा झुका हुआ है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.
रोपोटो कभी करीब 300 घरों वाला शांत और बसा–बसाया गांव हुआ करता था, लेकिन साल 2012 में आई एक जबरदस्त भूस्खलन ने इसकी तस्वीर ही बदल दी. इस भूस्खलन के कारण पूरा गांव ढलान की ओर खिसक गया, कई घरों में दरारें पड़ गईं, सड़कें टूट गईं और लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालों से यहां की जमीन की अस्थिरता को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन लंबे समय तक चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया. नतीजा यह हुआ कि भूस्खलन के बाद रोपोटो लगभग पूरी तरह से उजड़ गया और ज्यादातर इमारतें या तो क्षतिग्रस्त हो गईं या रहने लायक नहीं रहीं.
इसी तबाही के बीच यह चर्च सबसे अलग नजर आया. कई इमारतें टूट–फूट गईं, लेकिन चर्च की संरचना 17 डिग्री के झुकाव के साथ स्थिर टिकी रही. तब से लेकर अब तक इस चर्च की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया और यह उसी झुके हुए रूप में खामोशी से खड़ा है. यह इमारत अब लगभग 17 डिग्री के खतरनाक झुकाव के साथ खड़ी है, जो इटली के मशहूर लीनिंग टॉवर ऑफ पीसा के करीब 3.9 डिग्री के झुकाव से कई गुना ज्यादा है.
आज यह झुका हुआ चर्च एक तरह से ‘ओपन-एयर म्यूज़ियम’ के रूप में आकर्षक पर्यटन स्थल में बदल चुका है. दुनिया भर से लोग यहां सिर्फ यह देखने आते हैं कि इतनी ज्यादा तिरछी हो चुकी इमारत के भीतर चलना-फिरना कैसा अनुभव होता होगा. चर्च के अंदर और बाहर चलते समय लोगों को अपना संतुलन बनाए रखना मुश्किल लगता है, क्योंकि पूरा फर्श, दीवारें और सीढ़ियां एक ओर को झुकी हुई हैं. कुछ पर्यटकों ने तो यहां तक कहा कि प्रवेश द्वार तक जाने वाली सीढ़ियां चढ़ना एक अविश्वसनीय और अजीब-सा अनुभव है.
Petrol Diesel Price Today: भारत की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन…
LPG Prices Today: 1 अगस्त 2026 से बड़े शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG…
Commonwealth Games 2026: पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन (POA) के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कुदरतुल्लाह कॉमनवेल्थ गेम्स…
Sawan Grahan 2026: हिंदू धार्मिक परंपरा में, सूर्य और चंद्र ग्रहण से पहले के समय…
India Kailash Mountains Guide: जब भी कैलाश पर्वत का नाम लिया जाता है, तो सबसे…
सूरत में आयोजित ‘डॉक्टरप्रेन्योर 2026’ सम्मेलन को अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई। गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक…