Chandrikapersad Santokhi Death: सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का निधन हो गया है. सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने सोमवार को 67 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. संतोखी ने 2020 से 2025 तक सूरीनाम पर शासन किया. इस जानकारी की घोषणा उनके उत्तराधिकारी और सूरीनाम के दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र के वर्तमान राष्ट्रपति ने की. सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में कहा कि विभिन्न सार्वजनिक पदों पर उनके कई वर्षों की सेवा को याद किया जाएगा. फिलहाल, मृत्यु का कारण नहीं बताया गया.
सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी की मौत
Chandrikapersad Santokhi Death: सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति, चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का निधन हो गया है. सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने सोमवार को 67 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. संतोखी ने 2020 से 2025 तक सूरीनाम पर शासन किया. इस जानकारी की घोषणा उनके उत्तराधिकारी और सूरीनाम के दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र के वर्तमान राष्ट्रपति ने की. सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में कहा कि विभिन्न सार्वजनिक पदों पर उनके कई वर्षों की सेवा को याद किया जाएगा. फिलहाल, मृत्यु का कारण नहीं बताया गया.
सूरीनाम की प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के अध्यक्ष चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने पिछले साल के चुनावों के बाद पद छोड़ दिया था. उन्होंने संसद सदस्य के रूप में किसी भी अन्य सांसद की तुलना में अधिक वोट हासिल किए. हालांकि, उनकी पार्टी सिमंस की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी से काफी पीछे रह गई, जिसके परिणामस्वरूप एक गठबंधन समझौता हुआ जिसके चलते सिमंस राष्ट्रपति बनीं. सूरीनाम के राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है. एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें नेशनल असेंबली के दो-तिहाई सदस्यों के वोटों की आवश्यकता होती है. राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के समर्थन से कई सुधार उपाय लागू किए. राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी संतोखी संसद सदस्य के रूप में सेवा करते रहे.
राष्ट्रपति बनने से पहले संतोखी ने पुलिस कमिश्नर और न्याय मंत्री के रूप में कार्य किया. साल 1982 में उन्होंने सरकार के 15 प्रमुख आलोचकों की हत्या से जुड़े मामले की जांच की और उस पर मुकदमा चलाने पर ज़ोर दिया. इसी मामले में 2019 में पूर्व राष्ट्रपति डेसी बॉउटर्स को दोषी ठहराया गया था. संतोखी ने 2020 के चुनावों में पूर्व राष्ट्रपति डेसी बॉउटर्स को हराया था. बॉउटर्स को 2019 में एक ऐसे ऑपरेशन की देखरेख करने के लिए दोषी ठहराया गया था जिसमें सैनिकों ने 16 आलोचकों जिनमें वकील, पत्रकार, संघ नेता, सैनिक और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शामिल थे, को उनके घरों से अगवा कर लिया था. दिसंबर 2023 में बॉउटर्स की दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया और एक साल बाद भगोड़े के रूप में रहते हुए उनका निधन हो गया.
चंद्रिकाप्रसाद ‘चान’ संतोखी सूरीनाम के 9वें राष्ट्रपति (2020–2025) और भारतीय मूल के एक राजनेता थे. वे एक इंडो-सूरीनामी हिंदू परिवार से आते हैं और भारतीय संस्कृति तथा भाषा (हिंदी/भोजपुरी) के प्रति गहरा लगाव रखते हैं. उन्होंने वैदिक मंत्रों के साथ राष्ट्रपति पद की शपथ ली और उन्हें वर्ष 2021 के ‘प्रवासी भारतीय सम्मान’ से सम्मानित किया गया था. ऐसा कहा जाता है कि संतोखी के पूर्वज बिहार के रहने वाले थे, जो अनुबंधित श्रमिकों के रूप में सूरीनाम जाकर बस गए थे.
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