पश्चिमी देशों में, खासतौर से यूरोप (European Countries) में, शरीर को केवल कपड़ों के माध्यम से देखने के बजाय उसे प्रकृति का एक बेहद ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
दुनिया के वो देश जहां बिना कपड़ों के रहना है सामान्य बात
Countries Where Public Nudity Isn’t a Big Deal: दुनिया के कई देशों में शरीर को लेकर दृष्टिकोण भारतीय समाज से बेहद ही अलग देखने को मिलता है. जहां, कुछ संस्कृतियों में कपड़ों के बिना रहना या सार्वजनिक स्थलों पर कम कपड़ों में होना किसी सामाजिक बुराई या शर्म के बजाय एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया पूरी तरह से मानी जाती है. तो वहीं, दूसरी तरफ वहां की परंपराओं, जलवायु और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी आधारित होता है.
इन संस्कृतियों में इस जीवनशैली को किसी गलत इरादे से नहीं जोड़ा जाता है. दरअसल, इसे ‘अलैंगिक’ (Non-sexualized) के रूप में ही माना जाता है. जहां, उनके लिए यह वैसा ही है जैसे हम अपने घर के आंगन में बैठते हैं और पूरी तरह से सहज और प्राकृतिक रूप में दिखाई देते हैं.
जर्मनी जैसे देश में ‘फ्री बॉडी कल्चर’ (FKK) की एक पुरानी और सम्मानित परंपरा देखने को मिलती है. यहां के पार्कों, झीलों और समुद्र तटों पर लोग बिना किसी संकोच के प्राकृतिक रूप से समय बिताते हैं. इसके साथ ही इसे स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ाव के रूप में भी देखा जाता है.
बात करें फ्रांस के बारे में तो, कई तटीय इलाकों और विशेष रूप से ‘कैप डी एगडे’ जैसे रिसॉर्ट्स में लोग कपड़ों के बिना ही अपनी दिनचर्या बिताना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. और यहां इसे व्यक्तिगत आज़ादी का प्रतीक माना जाता है.
इसके अलावा स्पेन में कई सार्वजनिक समुद्र तटों पर किसी भी प्रकार की पाबंदी देखने को नहीं मिलती है. स्पेनिश संस्कृति में शरीर को ढकने या न ढकने को लेकर समाज बहुत ही ज्यादा सहज है.
तो वहीं, नीदरलैंड का डच समाज अपनी खुलेपन की सोच के लिए विश्वभर में सबसे ज्यादा जाना जाता है. और यहां कई सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में प्राकृतिक अवस्था में घूमना गैर-कानूनी नहीं है और लोग इसे सामान्य ही मानते हैं.
सबसे आखिरी में स्कैंडिनेवियाई देशों में भी शरीर को लेकर बहुत कम वर्जनाएं (Taboos) देखने को मिलते हैं. इतना ही नहीं, यहां के समुद्र तटों पर लोग बिना किसी झिझक के धूप का जमकर आनंद उठाते हुए नज़र आते हैं.
दुनिया के कई यूरोपीय और पश्चिमी देशों में प्राकृतिक जीवनशैली (Natural Lifestyle) को सामाजिक तौर से तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है. जहां, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में इसे किसी अश्लीलता से जोड़कर नहीं, बल्कि प्रकृति के करीब रहने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में देखा जाता है. तो वहीं, इन देशों में समुद्र तटों या पार्कों में कपड़ों के बिना रहना एक सामान्य सांस्कृतिक व्यवहार है, जिसे वहां के नागरिक और प्रशासन सहजता के साथ पूरी तरह से स्वीकार करते हैं.
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