Iran-Israel War: बहरीन की राजधानी मनामा के पास हमाला में स्थित बहरीन टेलीकम्युनिकेशंस कंपनी के मुख्यालय पर ईरान द्वारा किए गए एक हमले के बाद अमेज़न का क्लाउड कंप्यूटिंग ऑपरेशन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. ईरान अब खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रहा है. Batelco बहरीन की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है और यही अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के सर्वर और इन्फ्रास्ट्रक्चर की मेजबानी करती है.
क्या हुआ था?
बहरीन के गृह मंत्रालय ने दिन की शुरुआत में बताया कि सिविल डिफेंस की टीमें एक कंपनी के ठिकाने पर लगी आग को बुझाने में जुटी हैं. अधिकारियों के अनुसार यह आग हमले की वजह से लगी थी. यह हमला ठीक उसी के अगले दिन हुआ जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर उनके और नेताओं की हत्याएं बंद नहीं हुईं तो वे एप्पल, गूगल और मेटा जैसी दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएंगे.
ईरान का क्या आरोप है?
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि अमेरिकी सरकार और ये टेक कंपनियां उनके शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिशों में शामिल हैं. उनके बयान के अनुसार, ‘ये टेक कंपनियां हत्या के लक्ष्यों को डिजाइन करने और उन्हें ट्रैक करने में मुख्य भूमिका निभाती हैं. जो कंपनियां आतंकवादी साजिशों में सक्रिय रूप से भाग लेंगी, उन्हें हर एक हत्या के बदले जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.’
ईरान के निशाने पर कौन-सी कंपनियां हैं?
ईरान ने कुल 18 कंपनियों की लिस्ट जारी की है जिन्हें गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी गई है. इनमें एप्पल, गूगल, मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम), माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, ओरेकल, टेस्ला (इलेक्ट्रिक कार कंपनी), पैलेंटियर (एनालिटिक्स फर्म), एनवीडिया (चिप दिग्गज) शामिल हैं.
ईरान ने यह साफ नहीं किया कि ये हमले कहां होंगे लेकिन उन्होंने क्षेत्रीय देशों के निवासियों को इन कंपनियों के ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी है. गौरतलब है कि मार्च की शुरुआत में भी अमेज़न ने जानकारी दी थी कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में उसके दो डेटा सेंटरों पर ड्रोन से सीधे हमले हुए थे और बहरीन में भी एक डेटा सेंटर को पास में हुए हमले के कारण नुकसान पहुँचा था.