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Kheibar Shekan Missile: ईरान की वो मिसाइल जिसे रोकने में इजरायल एयर डिफेंस हुआ फेल, चकमा देकर मचाई तबाही!

Kheibar Shekan Missile: ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने पर तेहरान ने दावा किया है कि उसने हाल के हमलों में खैबर शेकन मिसाइल का इस्तेमाल किया है. इस मिसाइल के बारे में क्या खासियत हैं, चलिए जानते हैं.

Kheibar Shekan Missile: ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने पर तेहरान ने दावा किया है कि उसने हाल के हमलों में खैबर शेकन मिसाइल का इस्तेमाल किया है. इसमें इज़राइली लीडरशिप से जुड़ी जगहों को निशाना बनाकर किया गया एक कथित हमला भी शामिल है. खैबर शेकन मिसाइल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि यह ईरान के हथियारों के जखीरे में सबसे एडवांस्ड बैलिस्टिक हथियारों में से एक है.

पहले भी क्षेत्रीय टकरावों के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा चुका है. ईरान ने पिछले साल इज़रायल के साथ 12 दिन के संघर्ष के दौरान खोर्रमशहर परिवार की बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया था, जिससे तेहरान की मिलिट्री स्ट्रैटेजी में उनकी ऑपरेशनल भूमिका पर रोशनी पड़ी.

खैबर शेकन मिसाइल क्या है?

खीबर मिसाइल को खोर्रमशहर-4 के नाम से भी जाना जाता है. यह ईरान की डिफेंस इंडस्ट्री द्वारा बनाई गई एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. इसे 2023 में सबके सामने लाया गया था और यह ईरान के रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई गई खोर्रमशहर मिसाइलों की सीरीज़ से संबंधित है. इस मिसाइल को लंबी दूरी तक भारी वॉरहेड ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसे ईरान के मिसाइल प्रोग्राम में सबसे शक्तिशाली हथियारों में से एक माना जाता है. खैबर मिसाइल की रेंज लगभग 1450 किलोमीटर है और यह 1,500 किलोग्राम वजन का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. इसमें लिक्विड फ्यूल प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल होता है और इसे मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जाता है, जिससे इसे अलग-अलग जगहों से डिप्लॉय किया जा सकता है. 

एडवांस्ड गाइडेंस टेक्नोलॉजी का यूज

यह मिसाइल बहुत तेज स्पीड से चलती है और अपनी उड़ान के दौरान एक्यूरेसी को बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड गाइडेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है. इसका वॉरहेड टारगेट पर हमला करने से पहले आखिरी फेज़ में अलग हो सकता है, जिससे मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्शन और मुश्किल हो सकता है.

क्या खैबर शेकन  मिसाइल ईरान में बनी है?

Kheibar Shekan Missile ज्यादातर ईरान में ही बनती है. यह ईरान के लंबे समय से चल रहे बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का एक डेवलपमेंट है, जिसने स्वदेशी क्षमताएं बनाने पर फोकस किया है. हालांकि, एनालिस्ट का मानना ​​है कि खोर्रमशहर मिसाइल का बड़ा डिज़ाइन विदेशों से मिली पहले की टेक्नोलॉजी से प्रभावित था. खास तौर पर एक्सपर्ट्स ने इस डिज़ाइन लाइनेज को नॉर्थ कोरिया के मुसुदान मिसाइल फैमिली से जोड़ा है. ईरान ने पिछले कुछ सालों में इन सिस्टम को धीरे-धीरे मॉडिफाई और अपग्रेड किया और आखिरकार खोर्रमशहर-4 जैसे नए वेरिएंट डेवलप किए. ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल प्रोग्राम डिफेंसिव है और इसका मकसद संभावित दुश्मनों को रोकना है. पश्चिमी सरकारों और सिक्योरिटी एनालिस्ट ने बार-बार चिंता जताई है कि ऐसे सिस्टम तेहरान की लंबी दूरी की स्ट्राइक कैपेबिलिटी को काफी बढ़ा सकते हैं.

खेबर मिसाइल कितनी दूर तक जा सकती है?

तकरीबन 1500 किलोमीटर की अनुमानित रेंज के साथ, Kheibar Shekan Missile ईरान को मिडिल ईस्ट के एक बड़े हिस्से में टारगेट तक पहुंचने में मदद करती है. यह रेंज इज़राइल, खाड़ी क्षेत्र में US मिलिट्री बेस, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात को संभावित स्ट्राइकिंग डिस्टेंस के अंदर रखती है. इस मिसाइल फैमिली का इस्तेमाल पिछले साल ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिन की लड़ाई के दौरान भी किया गया था, जब तेहरान ने इज़राइली हमलों के बदले में कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की थीं. उस घटना ने ईरान की मिलिट्री प्लानिंग में इन सिस्टम की ऑपरेशनल भूमिका को दिखाया.

ईरान की मिलिट्री स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा

माना जाता है कि ईरान के पास मिडिल ईस्ट में सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हथियारों का जखीरा है. इसके मिसाइल प्रोग्राम में कई तरह के शॉर्ट-, मीडियम- और लॉन्ग-रेंज सिस्टम शामिल हैं. इन्हें पूरे इलाके में मिलिट्री बेस, पोर्ट और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरा पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है. खैबर मिसाइल जैसे हथियार तेहरान को रोकने की स्ट्रैटेजी में अहम भूमिका निभाते हैं. दूर के टारगेट तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों को बनाए रखकर ईरान अपने बॉर्डर के पास काम कर रहे क्षेत्रीय दुश्मनों और विदेशी मिलिट्री फोर्स के खिलाफ एक स्ट्रेटेजिक बैलेंस बनाना चाहता है. जैसे-जैसे ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है, इन लंबी दूरी की मिसाइलों की तैनाती और क्षमताएं पश्चिम एशिया में मिलिट्री डायनामिक्स को आकार देने वाला एक अहम फैक्टर बनी रहेंगी.

रफ्तार, वजन और स्पेक्स

यह Kheibar Shekan Missile तकरीबन 4 मीटर लंबी है और इसका वजन 1,500 किलोग्राम है. वहीं, इसकी स्पीड की बात की जाए तो यह एटमॉस्फियर में 19,500 km/h और एटमॉस्फियर के बाहर 9,800 km/h तक है. यह करीब Mach 12 है. इसी रफ्तार के चलते इस मिसाइन ने अमेरिका और इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे दिया और इजरायल के हाइफा और तेल अवीव शहरों में तबाही मचा दी. यह मिसाइल मोबाइल प्लेटफॉर्म से आसानी से लॉन्च हो सकता है वो भी 15 मिनट से भी कम समय में. इसका एयरोडायनामिक डिज़ाइन एयर ड्रैग को कम करता है, जिससे यह रडार डिटेक्शन से बच जाती है. खबर है कि ईरान ने फ्यूल टैंक में इंटीग्रेटेड अपना अराउंड इंजन इस्तेमाल किया, जिससे मिसाइल ज़्यादा कॉम्पैक्ट और डिप्लॉय करने में आसान हो गई है. साथ ही इसे कन्वेंशनल एयर डिफेंस को बायपास करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है.

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