India News (इंडिया न्यूज),Israel Iran War :सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान की विशेषज्ञ सभा के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान खामेनेई ने युद्ध में मारे गए लेबनान के हिजबुल्लाह नेता सैय्यद हसन नसरल्लाह, आंदोलन के वरिष्ठ नेता सैय्यद हाशिम सफीद्दीन के साथ-साथ हमास के नेता इस्माइल हनिया, याह्या सिनवार और ईरानी सैन्य कमांडर अब्बास निलफोरुशान समेत प्रतिरोध समूह के सभी नेताओं को याद किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि लेबनान, गाजा और फिलिस्तीन में चल रहा संघर्ष निश्चित रूप से प्रतिरोध समूहों को जीत की ओर ले जाएगा। खामेनेई ने युद्ध में मारे गए नसरल्लाह, इस्माइल हनिया और सिनवार समेत हमास और हिजबुल्लाह नेताओं को शहीद बताया और कहा कि इन लोगों ने इस्लाम की गरिमा को बढ़ाया है।
खामेनेई ने कहा कि ‘नसरल्लाह ने शहादत का अपना सपना पूरा किया, लेकिन वे अपने पीछे एक स्थायी विरासत छोड़ गए हैं, जो हिजबुल्लाह है।’ अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि नसरल्लाह की बुद्धि, धैर्य और अल्लाह पर विश्वास के कारण हिजबुल्लाह ने तरक्की की है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह एक छोटे समूह से एक बड़े और शक्तिशाली संगठन में तब्दील हो गया है।सुप्रीम लीडर ने कहा, ‘लेबनान और अन्य जगहों पर कुछ लोग सोचते हैं कि हिजबुल्लाह कमजोर हो गया है और वे इसके कार्यों की आलोचना करने लगे हैं, ऐसे लोग गलत हैं और भ्रमित हैं। वे नहीं जानते कि हिजबुल्लाह मजबूत है और उसने अपनी लड़ाई जारी रखी है।’
Israel Iran War
खामेनेई ने इजरायल पर हमला करते हुए कहा, ‘दुश्मन इस संगठन पर जीत हासिल करने में असमर्थ रहा है और इंशाअल्लाह वह ऐसा करने में कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक दिन देखेगी कि ईश्वर के मार्ग पर लड़ने वाले इन लड़ाकों के हाथों यहूदी शासन की हार होगी।
फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूह हमास और गाजा में इजरायली शासन के खिलाफ उसकी लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमास की लड़ाई जारी रहने का मतलब है कि यहूदी शासन हार गया है, उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास को नष्ट करने का इरादा रखते थे, लेकिन वह अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए हैं।
खामेनेई ने कहा, ‘नेतन्याहू हमास को पूरी तरह से नष्ट करने का इरादा रखते थे और वह ऐसा नहीं कर पाए। नेतन्याहू ने कई लोगों का नरसंहार किया है, पूरी दुनिया को अपना असली चेहरा दिखाया है, जिसकी वजह से इजरायल और नेतन्याहू की निंदा की जा रही है और उन्हें अलग-थलग किया जा रहा है। खामेनेई ने कहा कि अगर इजरायल सोचता है कि इस्माइल हनीया और सिनवार जैसे नेताओं की मौत के साथ हमास खत्म हो गया है, तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को खोने के बावजूद हमास इजरायल से लड़ रहा है और यह यहूदी शासन की विफलता है।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि पिछले कई दशकों में हिजबुल्लाह और हमास ने कई मौकों पर इजरायल को हराया है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी प्रतिरोध ने पिछले 15 वर्षों में यहूदी शासन के खिलाफ 9 युद्ध लड़े हैं और इन संघर्षों को जीत के साथ समाप्त किया है।