नासा 14 जनवरी को इतिहास का पहला मेडिकल इवैक्युएशन करने जा रहा है. दरअसल, एक एस्ट्रोनॉट की तबीयत बिगड़ने के कारण स्पेसएक्स क्रू-11 को समय से पहले धरती पर वापस बुलाया जा रहा है.
Nasa Crew 11
SpaceX Crew-11 Astronauts: नासा ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के इतिहास में पहली बार मेडिकल इवैक्यूएशन का फैसला लिया है. नासा ने ऐलान किया है कि वो स्पेसएक्स के क्रू 11 मिशन के एस्ट्रोनॉट्स को समय से पहले वापस धरती पर लाने जा रही है. इस रेस्क्यू ऑपरेशन को 14 जनवरी को अंजाम दिया जाएगा. बता दें कि स्पेस स्टेशन पर मौजूद एक एस्ट्रोनॉट की तबीयत अचानक बिगड़ गई. हालांकि नासा ने प्राइवेसी का हवाला देते हुए बीमार एस्ट्रोनॉट के नाम का खुलासा नहीं किया है.
जानकर हैरानी होगी कि ये मिशन 25 साल के इतिहास में पहला मामला है. इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी की बीमारी के कारण पूरे मिशन को बीच में रोका गया हो. इस खबर ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है. ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि ऐसी क्या इमरजेंसी थी कि किसी प्रोजेक्ट को बीच में ही रोका गया हो.
नासा के चीफ हेल्थ ने दी जानकारी
नासा के चीफ हेल्थ और मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जेम्स पोल्क ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एक्सट्रोनॉट को कोई ऑपरेशनल चोट या इंजरी नहीं है. ये पूरी तरह से एक मेडिकल इश्यू है. स्पेस में माइक्रोग्रैविटी के कारण उनके शरीर पर अलग तरह के प्रभाव पड़ते हैं. स्पेस में मौजूद उपकरणों से सटीक डायग्नोसिस करना मुश्किल होता है. इसके कारण एस्ट्रोनॉट को धरती पर लाना जरूरी हो गया है. इससे उनका सही तरीके से इलाज हो सकेगा. फिलहाल एजेंसी ने बीमारी की गंभीरता के बारे में कुछ नहीं बताया है. इसके कारण ही 7 जनवरी को होने वाली स्पेस वॉक भी कैंसिल कर दी गई थी.
क्रू 11 के वापस आने के बाद स्पेस स्टेशन में सिर्फ 3 लोग ही बचेंगे. इनमें क्रिस्टोफर विलियम्स, सर्गेई कुद-स्वेरचकोव और सर्गेई मिकाएव हैं. ये तीनों 27 नवंबर को रूसी सोयुज स्पेसक्राफ्ट से वहां पहुंचे थे. बता दें कि आमतौर पर सेपेस स्टेशन में 7 एस्ट्रोनॉट्स होते हैं. हालांकि अब वहां केवल एक ‘कंकाल चालक दल’ ही बचेगा.
2009 के बाद ये पहली बार होगा कि जब इतनी कम संख्या में लोग वहां मौजूद होंगे. इससे स्पेस स्टेशन के मेंटेनेंस और रिसर्च कार्यों पर भारी दबाव पड़ने की आशंका है. कहा जा रहा है कि अब नासा क्रू-12 मिशन को जल्द भेजने की तैयारी कर रहा है. क्रू-12 मिशन को फरवरी के मध्य में लॉन्च करने का प्लान बनाया था. हालांकि अब बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए क्रू-12 मिशन को जल्द भेजा जा सकता है.
नासा चाहती है कि स्पेस स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स की संख्या जल्द ही सामान्य हो जाए, अन्यथा कई महत्वपूर्ण एक्सपेरिमेंट्स रुक सकते हैं. क्रू-11 के जल्दी वापस आने से स्पेस स्टेशन का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ गया है, जिसके कारण क्रू 12 को जल्द स्पेस में भेजा जाएगा. इसके कारण नासा के वैज्ञानिकों के लिए ये समय बहुत ही तनावपूर्ण है. उन्हें बीमार साथी को बचाना भी है और स्पेस स्टेशन भी चालू रखना है.
LPG Cylinder Insurance: 50 लाख तक का बीमा कवर सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है,…
Gold Price 24,22,18 Carat Today 25 April 2026: कई सालों से, सोने को सबसे सुरक्षित…
Delhi School Guidelines: बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली में सत्तासीन रेखा गुप्ता…
IPL 2026 Points Table: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की पाइंट्स टेबल में इस समय बहुत…
Orange Purple Cap in IPL 2026: विराट कोहली आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने…
Kiss In Public Place: कई बार ऐसा होता है कि किसी पब्लिक प्लेस पर कपल…