Indians attacked in Russia: रूस के मॉस्को में भारतीय दूतावास ने रविवार तड़के बताया कि रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी ऊफ़ा में एक यूनिवर्सिटी हॉस्टल में चाकू से हुए हमले में कम से कम चार भारतीय छात्र घायल हो गए. इस घटना के बाद दूतावास ने पोस्ट कर मामले की जानकारी दी. X पर एक पोस्ट में रूस में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि ऊफ़ा में हमले की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है.
चार भारतीय छात्रों सहित 8 लोग घायल हुए हैं. इसमें आगे कहा गया कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और कज़ान में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी घायल छात्रों की मदद के लिए ऊफ़ा जा रहे हैं.
रूस में हमले को लेकर बयान
रूसी मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब चाकू से लैस एक किशोर ऊफ़ा में स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में घुस गया. आरोपी ने कई छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया. रूसी आंतरिक मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्का ने कहा कि हमलावर ने गिरफ्तारी का विरोध किया. इस दौरान दो पुलिस अधिकारियों पर भी उसने चाकू से वार किया. इसके अलावा संदिग्ध ने खुद को भी शारीरिक नुकसान पहुंचाया. रूसी संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि घायल चार लोगों का इलाज चल रहा है. इनमें से एक की हालत गंभीर है और तीन की हालत सामान्य बताई जा रही है. हमलावर की पहचान स्थानीय मीडिया ने 15 साल के लड़के के रूप में की है. उसे भी गंभीर हालत में एक स्थानीय बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
अधिकारियों ने जांच शुरू की
कुछ मीडिया रिपोर्टों और टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया कि हमलावर का संबंध एक प्रतिबंधित नव-नाज़ी संगठन से था. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार है. चश्मदीदों ने स्थानीय टेलीविजन चैनलों को बताया कि घटनास्थल पर चारों ओर खून ही खून था. इसमें घायलों को एम्बुलेंस से अस्पतालों में ले जाते हुए दिखाया गया. इस बीच ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रूस में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है.

पत्र में कहा गया है कि ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) की ओर से हम रूस के बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में चार भारतीय मेडिकल छात्रों पर हाल ही में हुए हिंसक हमले के बारे में गहरी चिंता और दुख व्यक्त करते हैं. ऐसी घटनाएं न केवल हमारे छात्रों के जीवन और गरिमा को खतरे में डालती हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे हजारों भारतीय मेडिकल छात्रों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल भी बनाती हैं. AIMSA ने आगे सरकार से रूसी अधिकारियों के साथ तत्काल राजनयिक कदम उठाने की अपील की. जिससे हमला किए गए छात्रों को न्याय मिल सके और विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए सुरक्षा तंत्र और छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत किया जा सके.