विदेश. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके एक्स-अकाउंट से पहली पोस्ट सामने आई है. इसमें इज़राइल को धमकी दी गई है.
खामेनेई के एक्स अकाउंट से इजरायल को धमकी
विदेश. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके एक्स-अकाउंट से पहली पोस्ट सामने आई है. इसमें इज़राइल को धमकी दी गई है. पोस्ट में एक AI इमेज भी शेयर की गई है जिसमें मिसाइल बनाने से लेकर डेटा कैप्चर करने तक का पूरा प्रोसेस दिखाया गया है. खामेनेई (86) की 28 फरवरी को US और इज़राइली हमलों में मौत हो गई थी.
पोस्ट में सीधे इज़राइल को धमकी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि ज़ायोनी शासन ने बहुत बड़ी गलती की है और भगवान की कृपा से इसके नतीजे उसे नाकामी की ओर ले जाएंगे. खामेनेई के एक्स-अकाउंट से यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है. यह पोस्ट साफ तौर पर दिखाता है कि ईरान किसी समझौते के मूड में नहीं है.
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने शुक्रवार को कहा कि US और इज़राइल के साथ ईरान का झगड़ा अब तेहरान के लिए ज़िंदा रहने की लड़ाई बन गया है. उन्होंने इंटरनेशनल कानून के मुताबिक आतंकवाद करने के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि US और इज़राइल ने पूरी तरह झूठ के आधार पर ईरान पर हमला किया और तेहरान के पास इस बढ़ोतरी का आखिरी गोली तक विरोध करने के अलावा कोई चारा नहीं है.
पश्चिम एशिया में युद्ध बढ़ गया है जिससे एक बड़े क्षेत्रीय टकराव का खतरा बढ़ गया है. श्रीलंका के तट पर एक US पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने पर बात करते हुए खतीबज़ादेह ने चेतावनी दी कि बिना हथियार वाले जहाजों पर हमले करने वालों को सजा दी जाएगी. ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने रायसीना डायलॉग के एक सेशन के दौरान और बाद में रिपोर्टरों से बातचीत में ये विरोधाभासी बातें कहीं.
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब से लेकर ओमान तक, हर कोई जानता है कि यह इज़राइल का युद्ध है. इज़राइल ने अमेरिकियों को इस युद्ध में घसीटा है क्योंकि वे ‘ग्रेटर इज़राइल’ का भ्रम पालते हैं. खाड़ी देश जानते हैं कि इस युद्ध का मकसद इज़राइलियों को उस भ्रम को और बढ़ाने से रोकना है. उन्होंने कहा कि क्या देशों के बीच समस्याओं के दौरान किसी देश के मुखिया पर असर पड़ना चाहिए? यह अनप्रेडिक्टेबल है. अगर यह नया नॉर्म बन जाता है तो यह बहुत खतरनाक है.
US ने 28 फरवरी को ईरान पर मिलिट्री हमला किया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए. इस हमले के बाद ईरान ने कई हमले किए और इज़राइल समेत खाड़ी देशों में US मिलिट्री बेस को टारगेट किया. यह लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है. खतीबज़ादेह ने कहा कि यह ईरान के लिए जिंदा रहने की लड़ाई है क्योंकि वे ईरान के वजूद को ही हमेशा के लिए मिटाना चाहते हैं.
सईद खतीबजादेह ने कहा कि हम अपने खिलाफ हो रहे युध्द का न केवल विरोध करेंगे बल्कि यह इतिहास में दर्ज किया जाएगा. ईरान के खिलाफ अमानवीय और क्रूर बर्ताव की वजह से ही ईरानी अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं. हम ईरानी कुर्बानियां दे रहे हैं. मुझे लगता है कि जिस पल वे मुंह मोड़ेंगे, इस इलाके में एक नई एनर्जी फैल जाएगी. खतीबज़ादेह ने खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बदकिस्मती से इंटरनेशनल कानून के उसूलों पर हमला हुआ है. हमें इन ज़ुल्मों के खिलाफ एक साथ खड़ा होना चाहिए. अमेरिकियों ने दूसरे हेड्स ऑफ़ स्टेट की हत्या की है. अगर यह नया नॉर्म है, तो…”
ईरान में लीडरशिप बदलने की US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की मांग के बारे में उन्होंने कहा कि कोई ऐसा व्यक्ति जो न्यूयॉर्क का मेयर भी नहीं चुन सकता, वह ईरान की लीडरशिप में अपनी बात रखना चाहता है. उन्होंने कहा कि वह (ट्रंप) अपने देश में डेमोक्रेसी चाहते हैं लेकिन विदेश में चुने हुए ब्रिटिश को हटाना चाहते हैं.
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