India News (इंडिया न्यूज), Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं, जहां इस्लामिक कट्टरपंथी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और धमकियों का सिलसिला तेज कर चुके हैं। हिंदू समुदाय के खिलाफ ये हमले उनके घरों, दुकानों और मंदिरों तक पहुंच चुके हैं। कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं को डराने-धमकाने के लिए तलवारों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें धार्मिक कृत्यों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
अब बांग्लादेश में हिंदुओं को अपने मृतकों का अंतिम संस्कार करने से पहले “अल्लाह हू अकबर” कहने की धमकी दी जा रही है। यदि कोई हिंदू इस शब्द को नहीं कहता है तो उसे गला काटने की धमकी दी जा रही है। यह कट्टरपंथी इस्लामिक तत्व हिंदुओं के साथ ऐसी घिनौनी हरकतें कर रहे हैं कि उन्हें अपनी धार्मिक स्वतंत्रता तक खोनी पड़ रही है।
हिंदुओं को अल्लाह हू अकबर कहने की शर्त
बांग्लादेश में इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) से जुड़े लोग भी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तीन कट्टरपंथी तलवारों के साथ इस्कॉन के भक्तों को गला काटने की धमकी दे रहे हैं। इस्कॉन से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल होने पर कट्टरपंथियों का कहना है कि वे इसके लिए हिंदुओं को मौत की सजा देंगे।
बांग्लादेश पुलिस ने इस्कॉन के पूर्व सदस्य चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी को लेकर दुनियाभर में विरोध हो रहा है और कई देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने भी बांग्लादेश से अपील की है कि वह हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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भारत ने चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताई है और बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा की अपील की है। वहीं, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की है।