Live TV
Search
Home > जॉब > Sarkari Naukri Bihar 2026: बिहार में नौकरी बदलना नहीं होगा आसान! सरकार ने लगाया बैरियर, पहले करना होगा ये काम

Sarkari Naukri Bihar 2026: बिहार में नौकरी बदलना नहीं होगा आसान! सरकार ने लगाया बैरियर, पहले करना होगा ये काम

Sarkari Naukri Bihar 2026: बिहार सरकार के इस विभाग में अगर आप काम कर रहे हैं, तो किसी नौकरी (Govt Jobs) चेंज करना अब आसान नहीं रहेगा. इसके बारे में आप नीचे दिए बातों को ध्यान से पढ़ें.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 7, 2026 12:08:57 IST

Mobile Ads 1x1

Sarkari Naukri Bihar 2026: अगर आप बिहार से हैं और बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग में सरकारी नौकरी (Govt Jobs) कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अहम खबर है. इसके लिए विभाग ने एक अहम और सख्त फैसला लेते हुए अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने को लेकर नई नीति लागू कर दी है. इस नए आदेश के अनुसार, अब विभाग के किसी भी कर्मचारी को अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी. इससे अधिक बार परीक्षा देने की इच्छा रखने वालों को पहले अपनी मौजूदा सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना होगा.

विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कई कर्मचारी बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति मांगते रहे हैं. इससे न केवल विभागीय कार्य प्रभावित होता है, बल्कि कर्मचारियों का ध्यान भी अपने दायित्वों से भटकता है. परीक्षा की तैयारी और उसमें शामिल होने के कारण कामकाज में देरी और बाधाएं उत्पन्न होती हैं, जो सार्वजनिक हित के खिलाफ है.

सिर्फ उच्च पद के लिए ही मिलेगा मौका

नई नीति के तहत कर्मचारियों को केवल उसी स्थिति में परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी, जब वे अपने वर्तमान पद से उच्च वेतन स्तर वाले पद के लिए आवेदन कर रहे हों. यानी अब सामान्य या समान स्तर की नौकरियों के लिए बार-बार प्रयास करने की छूट नहीं होगी. यह कदम कर्मचारियों को अपने करियर में स्पष्ट दिशा देने और अनावश्यक प्रयासों को सीमित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

नौकरी और तैयारी के बीच संतुलन जरूरी

सरकार का मानना है कि एक बार जब कोई व्यक्ति सरकारी सेवा में शामिल हो जाता है, तो उसे मिलने वाली सुविधाओं और वेतन का उपयोग करते हुए बार-बार अन्य परीक्षाओं की तैयारी करना उचित नहीं है. इससे सरकारी संसाधनों का अप्रत्यक्ष दुरुपयोग होता है और काम की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है.

इस्तीफा देकर ही मिलेगा दूसरा मौका

यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे पहले अपनी वर्तमान नौकरी से त्याग-पत्र देना होगा. यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसे सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी भी प्राप्त है.

क्या होगा इसका असर?

इस फैसले से विभागीय कार्यों में स्थिरता और दक्षता आने की उम्मीद है. साथ ही, यह नियम उन कर्मचारियों को भी प्रेरित करेगा जो गंभीरता से अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह निर्णय कठोर लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक जरूरी कदम मान रही है.

MORE NEWS

Home > जॉब > Sarkari Naukri Bihar 2026: बिहार में नौकरी बदलना नहीं होगा आसान! सरकार ने लगाया बैरियर, पहले करना होगा ये काम

Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 7, 2026 12:08:57 IST

Mobile Ads 1x1

Sarkari Naukri Bihar 2026: अगर आप बिहार से हैं और बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग में सरकारी नौकरी (Govt Jobs) कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अहम खबर है. इसके लिए विभाग ने एक अहम और सख्त फैसला लेते हुए अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने को लेकर नई नीति लागू कर दी है. इस नए आदेश के अनुसार, अब विभाग के किसी भी कर्मचारी को अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी. इससे अधिक बार परीक्षा देने की इच्छा रखने वालों को पहले अपनी मौजूदा सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना होगा.

विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कई कर्मचारी बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति मांगते रहे हैं. इससे न केवल विभागीय कार्य प्रभावित होता है, बल्कि कर्मचारियों का ध्यान भी अपने दायित्वों से भटकता है. परीक्षा की तैयारी और उसमें शामिल होने के कारण कामकाज में देरी और बाधाएं उत्पन्न होती हैं, जो सार्वजनिक हित के खिलाफ है.

सिर्फ उच्च पद के लिए ही मिलेगा मौका

नई नीति के तहत कर्मचारियों को केवल उसी स्थिति में परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी, जब वे अपने वर्तमान पद से उच्च वेतन स्तर वाले पद के लिए आवेदन कर रहे हों. यानी अब सामान्य या समान स्तर की नौकरियों के लिए बार-बार प्रयास करने की छूट नहीं होगी. यह कदम कर्मचारियों को अपने करियर में स्पष्ट दिशा देने और अनावश्यक प्रयासों को सीमित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

नौकरी और तैयारी के बीच संतुलन जरूरी

सरकार का मानना है कि एक बार जब कोई व्यक्ति सरकारी सेवा में शामिल हो जाता है, तो उसे मिलने वाली सुविधाओं और वेतन का उपयोग करते हुए बार-बार अन्य परीक्षाओं की तैयारी करना उचित नहीं है. इससे सरकारी संसाधनों का अप्रत्यक्ष दुरुपयोग होता है और काम की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है.

इस्तीफा देकर ही मिलेगा दूसरा मौका

यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे पहले अपनी वर्तमान नौकरी से त्याग-पत्र देना होगा. यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसे सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी भी प्राप्त है.

क्या होगा इसका असर?

इस फैसले से विभागीय कार्यों में स्थिरता और दक्षता आने की उम्मीद है. साथ ही, यह नियम उन कर्मचारियों को भी प्रेरित करेगा जो गंभीरता से अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह निर्णय कठोर लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक जरूरी कदम मान रही है.

MORE NEWS