UPSC Cadre Allocation Policy 2026: अगर आप IAS, IPS या IFS बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए अहम खबर है. केंद्र ने UPSC कैडर आवंटन नीति 2026 लागू की, जिससे चयन और कैडर वितरण प्रक्रिया बदलेगी.
UPSC Cadre Allocation Policy 2026: अगर आपका सपना IAS, IPS या IFS बनने का है और आप UPSC परीक्षा के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. केंद्र सरकार ने UPSC कैडर आवंटन नीति 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है. यह नीति कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी की गई है. इसका मकसद अखिल भारतीय सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, कैडर वितरण को संतुलित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है. यह संशोधित नीति साल 2017 से लागू अब तक की प्रणाली की जगह लेगी और UPSC से चयनित अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को नया रूप देगी.
अब तक UPSC कैडर आवंटन भौगोलिक ज़ोन प्रणाली पर आधारित था, जिसमें राज्यों को पांच ज़ोन में बांटा गया था. संशोधित नीति 2026 ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है. इसके स्थान पर सभी 25 राज्य और संयुक्त कैडरों को वर्णानुक्रम के आधार पर चार समूहों में विभाजित किया गया है, ताकि कैडरों का समान वितरण सुनिश्चित किया जा सके और इनसाइडर-आउटसाइडर सिद्धांत बना रहे.
नई नीति के तहत सबसे पहले इनसाइडर रिक्तियों को भरा जाएगा. यह पूरी तरह से मेरिट पर आधारित होगा, बशर्ते उम्मीदवार ने अपने गृह राज्य या कैडर को प्राथमिकता दी हो और वहां रिक्ति उपलब्ध हो. हर श्रेणी UR, OBC, SC और ST के लिए अलग-अलग मेरिट सूची तैयार की जाएगी. यदि कोई इनसाइडर रिक्ति नहीं भर पाती, तो उसे आउटसाइडर रिक्ति में बदल दिया जाएगा.
इनसाइडर आवंटन पूरा होने के बाद आउटसाइडर कैडर आवंटन किया जाएगा, जो रोस्टर-आधारित और रोटेशनल चक्र प्रणाली पर काम करेगा. इस प्रक्रिया में पहले बेंचमार्क विकलांग (PwBD) उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा. PwBD उम्मीदवारों को उनके गृह राज्य के बाहर पसंदीदा कैडर देने के लिए, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पद सृजित करने का भी प्रावधान रखा गया है.
यह पूरी प्रणाली 25 कैडरों के रोटेशनल चक्र पर आधारित होगी. हर चक्र में योग्यता क्रम से 25 उम्मीदवारों को कैडर आवंटित किया जाएगा. यदि एक ही चक्र में कई उम्मीदवार आते हैं, तो उच्च रैंक वाले को प्राथमिकता दी जाएगी और बाकी अगले चक्र में जाएंगे.
संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार:
IAS की रिक्तियां DoPT तय करेगा.
IPS की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय (MHA) के पास होगी.
IFoS की रिक्तियां पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तय करेगा.
राज्य सरकारों को 31 जनवरी तक अपनी रिक्ति मांग भेजनी होगी.
नई UPSC कैडर आवंटन नीति 2026 निष्पक्षता, पारदर्शिता और संतुलन पर आधारित है. इससे न केवल कैडर वितरण बेहतर होगा, बल्कि योग्य उम्मीदवारों को अधिक न्यायसंगत अवसर भी मिलेंगे. IAS, IPS और IFoS की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
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