Fatty Liver Disease: आजकल गलत खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ते मोटापे के कारण फैटी लिवर डिजीज बहुत तेजी से नॉर्मल होती जा रही है. बड़ी चिंता की बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर इतने साधारण होते हैं और हल्के होते हैं कि लोग उन्हें अनदेखा करते हैं. लगातार थकान, पेट में भारीपन या बिना वजह वजन बढ़ना जैसे संकेत इस बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं. ऐसे में समय रहते इन लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है, जिससे की सही समय पर इलाज किया जा सके.
फैटी लिवर क्या होता है?
लिवर में अत्यधिक वसा जमा होने को फैटी लिवर कहते हैं. लिवर शरीर का मुख्य अंग है जो भोजन और अपशिष्ट पदार्थों को संसाधित करता है. एक हेल्दी लिवर में बहुत कम या बिल्कुल भी वसा नहीं होता है. यदि आप बहुत अधिक अल्कॉहल का सेवन करते हैं या ज्यादा अधिक भोजन करते हैं, तो आपका शरीर कुछ कैलोरी को वसा में परिवर्तित करता है. यह वसा आपके लिवर की कोशिकाओं में जमा हो जाती है. हेल्थ डायरेक्ट के आधार पर जब आपके लिवर लिवर के कुल वजन में 5% से अधिक वसा होती है, तो आपको फैटी लिवर की समस्या हो जाती है. शराब से जुड़ी फैटी लिवर की समस्या अत्यधिक शराब के सेवन से किया जाता है
फैटी लिवर रोग के लक्षण क्या हैं?
- थकान महसूस होना
- सामान्य रूप से अस्वस्थ महसूस करना
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द
- वजन कम
- गंभीर मामलों में
- पीलिया
- घाव
- गहरे रंग का पेशाब
- फूला हुआ पेट
- खून की उल्टी
- काले रंग का मल
- खुजली वाली त्वचा
फैटी लिवर रोग का इलाज क्या है?
सबसे पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव करें. इससे फैटी लिवर की समस्या में सुधार हो सकता है और यह पूरी तरह ठीक भी हो सकता है. इसमें आप हेल्दी डाइट लें. चीनी से परहेज करें. वजन कम करें. एक्सरसाइज की आदत डालें. कोलेस्टॉल मैनेज करें. लिवर को प्रभावित करने वाली दवाओं से बचें. शराब और धुम्रपान से बचें.