Gujarat Garba: गुजरात में नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया खेलने से पहले IV ड्रिप लेने का ट्रेंड चर्चा में है. अहमदाबाद, सूरत और राजकोट के कुछ क्लीनिक हाइड्रेशन, ऊर्जा और त्वचा की चमक के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं. इनकी कीमत लगभग 4,000 से 15,000 रुपये तक बताई गई है. हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक स्वस्थ लोगों को अतिरिक्त ऊर्जा या चमक मिलने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. IV ड्रिप के जोखिमों को देखते हुए इसे केवल चिकित्सकीय सलाह और जरूरत के आधार पर ही लेना चाहिए.
गरबा खेलने से पहले IV ड्रिप लगवा रहे लोग
Gujarat Garba: नवरात्र में गरबा और डांडिया खेलने के लिए लोग रंग-बिरंगे कपड़े, गहने और खास तैयारियां करते हैं. लेकिन गुजरात में इस बार त्योहार के बीच एक नया ट्रेंड चर्चा में है. कुछ लोग देर रात तक गरबा खेलने की थकान से बचने, शरीर में पानी की कमी दूर करने और त्वचा पर चमक लाने के लिए IV ड्रिप लगवा रहे हैं. अहमदाबाद, सूरत और राजकोट के कुछ क्लीनिक नवरात्र के लिए विशेष IV ड्रिप पैकेज दे रहे हैं. हालांकि, डॉक्टरों ने इसके फायदे और जोखिमों को समझकर ही यह उपचार लेने की सलाह दी है.
IV यानी इंट्रावेनस ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ और कुछ पोषक तत्व सीधे नसों में पहुंचाए जाते हैं. गुजरात में कुछ क्लीनिक इसे हाइड्रेशन, ऊर्जा और त्वचा की चमक से जोड़कर पेश कर रहे हैं. नवरात्र में कई लोग दिन में व्रत रखते हैं और रात में घंटों गरबा खेलते हैं. ऐसे में थकान और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.
अहमदाबाद के ऑप्टिमाइज IV क्लीनिक के एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मृगेश प्रजापति के मुताबिक, मरीज की जरूरत के अनुसार ड्रिप में विटामिन C, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स, ग्लूटाथियोन और अन्य पोषक तत्व शामिल किए जा सकते हैं. वहीं, त्वचा विशेषज्ञ डॉ. मोनिका तिबरेवाल का कहना है कि इन उपचारों का उद्देश्य जरूरत के मुताबिक पोषण और हाइड्रेशन संबंधी सहायता देना है.
दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रशांत सिन्हा के अनुसार, गरबा के दौरान थकान की वजह कम नींद, समय पर भोजन न करना और पानी की कमी हो सकती है. जरूरत पड़ने पर IV ड्रिप से तरल पदार्थों की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है, लेकिन स्वस्थ व्यक्ति को अतिरिक्त विटामिन देने से ऊर्जा या त्वचा की चमक बढ़ने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं.
क्लीनिकों के मुताबिक, IV ड्रिप की कीमत लगभग 4,000 से 15,000 रुपये तक हो सकती है. हालांकि, इसे लगवाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है. त्वचा विशेषज्ञ डॉ. निशिता रांका के मुताबिक, नस में सुई लगाने से संक्रमण, सूजन और चोट का खतरा हो सकता है. अधिक मात्रा में विटामिन C कुछ किडनी मरीजों और G6PD की कमी वाले लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि गरबा की थकान से बचने के लिए पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. IV ड्रिप केवल चिकित्सकीय जरूरत और डॉक्टर की निगरानी में ही लेनी चाहिए.
Barnala murder case: पंजाब के बरनाला में चन्ननवाल गांव के पास खेत में चारा काट…
Bihar Crime News: बिहार के रोहतास जिले में पत्नी की हत्या करने वाले पति को…
India vs New Zealand: न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम का ऐलान कर…
MP Murder: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुई करम सिंह हत्या मामले में कोर्ट…
Sharadiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र की महाष्टमी 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी. ज्योतिषीय मान्यताओं…
Saturn transit in 2026: शनि देव 11 दिसंबर 2026 को मीन राशि में मार्गी होंगे.…