<

क्या जलेबी भारतीय नहीं है? इस मिठाई का इतिहास भी इसकी शक्ल जितना ही उलझा हुआ है

Jalebi History: इसलिए यह बहस करना शायद ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है कि जलेबी मूल रूप से ‘भारतीय’ थी या नहीं. खाने की चीजें अक्सर अपनी जन्मभूमि तक सीमित नहीं रहतीं. वे एक जगह से दूसरी जगह जाती हैं, वहां के स्वाद और संस्कृति को अपनाती हैं और धीरे-धीरे नई पहचान बना लेती हैं.

Jalebi History: गरमा-गरम जलेबी और उसके साथ समोसा या पकौड़ा बारिश की शाम में इससे बेहतर क्या हो सकता है? ऊपर से एक कप गर्म चाय मिल जाए तो स्वाद और बढ़ जाता है. जलेबी ऐसी मिठाई है, जिसे भारत में शायद ही कोई पहचानता न हो. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस जलेबी को हम विशुद्ध रूप से भारतीय मिठाई मानते हैं, उसकी जड़ें भारत से बाहर तक जाती हैं?

जलेबी की कहानी भारत से बहुत पुरानी है

इतिहासकारों के मुताबिक जलेबी जैसी मिठाई की शुरुआती कहानी पश्चिम एशिया तक जाती है. वहां इसे ‘जलबिया’ (Zalabiya) या ‘जुलाबिया’ (Zulabiya) जैसे नामों से जाना जाता था. मध्यकालीन अरबी पाक-कला से जुड़ी किताबों में भी इसका उल्लेख मिलता है. इनमें 10वीं सदी की मशहूर किताब ‘किताब अल-तबीख’ शामिल है, जिसे इब्न सैयार अल-वर्राक ने लिखा था. इसके अलावा 13वीं सदी में मुहम्मद बिन हसन अल-बगदादी की पाक-कला से जुड़ी किताब में भी इस मिठाई का जिक्र मिलता है.

फिर भारत कैसे पहुंची जलेबी?

समय के साथ यह मिठाई पश्चिम एशिया से भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुंची. भारत आने के बाद इसकी रेसिपी और बनाने का तरीका यहां के स्वाद और परंपराओं के मुताबिक बदलता गया. लगभग 15वीं सदी तक जलेबी का उल्लेख भारतीय साहित्य में भी मिलने लगा था. करीब 1450 ईस्वी में लिखे गए जैन ग्रंथ ‘प्रियंकरनृपकथा’ में एक व्यापारी के भोजन के संदर्भ में जलेबी का उल्लेख मिलता है. यानी जलेबी भले ही भारत से बाहर से आई हो, लेकिन भारत ने उसे अपने स्वाद और संस्कृति का हिस्सा बना लिया.

भारत में भी जलेबी के कई रूप

भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में जलेबी के कई रूप देखने को मिलते हैं. कहीं इसका नाम अलग है तो कहीं बनाने की विधि और सामग्री भी बदल जाती है. उदाहरण के लिए बंगाल में जलेबी को ‘जिलिपी’ कहा जाता है. वहीं अमृती भी जलेबी जैसी दिखाई देती है, लेकिन इसे बनाने का तरीका अलग है. कोलकाता के फूड राइटर इंद्रजीत लाहिड़ी के मुताबिक बंगाल में जिलिपी की कई किस्में हैं. अमृती बनाने के लिए अपेक्षाकृत गाढ़े घोल और अलग प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ जगहों पर छेना यानी पनीर से भी जिलिपी बनाई जाती है, जिसे ‘छेनार जिलिपी’ कहा जाता है. वहीं पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र में मूंग दाल से बनने वाली ‘मूंग जिलिपी’ या ‘पापड़ी’ भी मिलती है.

जलेबी और इमरती एक नहीं हैं

अक्सर जलेबी और इमरती को एक ही मिठाई का अलग-अलग रूप समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों में काफी अंतर है. उत्तर भारत में जिसे आमतौर पर इमरती कहा जाता है, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उसे ‘जांगिरी’ या ‘जांगरी’ कहा जाता है. इमरती आमतौर पर उड़द दाल के घोल से बनाई जाती है और इसका आकार जलेबी की तुलना में ज्यादा मोटा और फूल जैसा होता है. इसमें जलेबी की तुलना में चाशनी भी कम होती है. इमरती को लेकर एक लोकप्रिय कहानी यह है कि इसे मुगल काल में शहजादे सलीम, यानी बाद के सम्राट जहांगीर के लिए बनाया गया था और इसी वजह से इसका नाम ‘जांगिरी’ पड़ा. हालांकि यह कहानी ऐतिहासिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित नहीं है और इसके नाम और उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं.

तो आखिर जलेबी भारतीय है या नहीं?

यही इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है. जलेबी की शुरुआती जड़ें पश्चिम एशिया में दिखाई देती हैं, लेकिन आज की भारतीय जलेबी पूरी तरह भारतीय पहचान का हिस्सा है. भारत में सदियों के दौरान इसकी सामग्री, आकार, बनावट, घोल, चाशनी और खाने के तरीके में बदलाव आया. आज जलेबी भारतीय त्योहारों, शादियों, धार्मिक आयोजनों और यहां तक कि कई जगहों पर नाश्ते की मेज का भी हिस्सा है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

CM विजय करेंगे चेन्नई का कायापलट: तमिलनाडु की राजधानी में 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बना सचिवालय, ओलंपिक सिटी, फॉर्मूला 1 ट्रैक

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई में एक नए सचिवालय परिसर, एक ओलंपिक शहर और…

Last Updated: September 3, 2026 18:30:53 IST

जन्माष्टमी में गली मोहल्ले में आज भी सुनाई देता है ये 44 साल पुराना गाना, अमिताभ बच्चन के गाने पर झूमते हैं कृष्ण भक्त

Janmashtami Song: जन्माष्टमी के मौके पर कृष्ण जी के मशहूर गानों का अलग ही जलवा…

Last Updated: September 3, 2026 18:20:17 IST

Mumtaz के एक सुपरहिट गाने ने बदल दिया साड़ी पहनने का अंदाज, 57 साल बाद भी कायम है जादू

Mumtaz Superhit Song: 60 और 70 के दशक में मुमताज ने एक ऐसा साड़ी लुक…

Last Updated: September 3, 2026 18:16:35 IST

Haldwani Purification Controversy: क्या है शुद्धिकरण अनुष्ठान? हल्द्वानी में क्यों इस अनुष्ठान ने मचा दिया सियासी घमासान

मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली से जुड़े शुद्धिकरण विवाद ने हिंदू शुद्धिकरण अनुष्ठान, इसके धार्मिक…

Last Updated: September 3, 2026 18:19:06 IST

महंगा फोन, घटिया सर्विस! Samsung A17 के नए नवेले डिस्प्ले में आई खराबी, तंग आकर यूजर ने कर दी बड़ी मांग!

नया Samsung Galaxy A17 खरीदते ही डिस्प्ले पर आई लाइन. यूजर ने X पर लगाई…

Last Updated: September 3, 2026 17:47:27 IST