Obesity Health Risks: भारत में लोग मोटापे को अच्छी लाइफस्टाइल, बेहतर खानपान संकेत मानतें है.लेकिन क्या आप जानते हैं मोटापा जानलेवा भी हो सकता है,आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
Obesity Health Risks: भारत में अब भी मोटापे को अच्छी लाइफस्टाइल, बेहतर खानपान और सुख-समृद्धि का संकेत माना जाता है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोटापा किसी भी तरह से स्वास्थ्य का प्रतीक नहीं, बल्कि यह अपने आप में एक गंभीर बीमारी है. जब तक इसे बीमारी मानकर स्वीकार नहीं किया जाएगा, तब तक इसका सही इलाज और रोकथाम संभव नहीं है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मोटापा अकेले नहीं आता, बल्कि यह अपने साथ करीब 200 तरह की दूसरी बीमारियों को भी जन्म देता है. इनमें से कई बीमारियां शरीर के अहम अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं और समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है. हाल के वर्षों में भारत में मोटापे के कारण गंभीर बीमारियों से जूझने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसे लेकर डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे का असर सबसे पहले शरीर के कुछ खास सिस्टम और अंगों पर पड़ता है. रिसर्च और स्टडीज में सामने आया है कि मोटापे से जुड़ी परेशानियां मुख्य रूप से इन भागों को नुकसान पहुंचाती हैं
मोटापा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देता है. इसकी वजह से डायबिटीज, हाई या लो ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां, ब्रेन स्ट्रोक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, फैटी लिवर, लिवर का बढ़ जाना और पित्त की थैली में पथरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
ज्यादा वजन का सीधा असर हड्डियों और जोड़ों पर पड़ता है. मोटापे से जोड़ों में दर्द, ऑस्टियोआर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं, जिससे चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है.
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मोटापा और मानसिक बीमारियों का गहरा संबंध है. मोटे लोगों में तनाव, डिप्रेशन, एंग्जायटी, नींद न आना, ईटिंग डिसऑर्डर और सामाजिक भेदभाव का खतरा ज्यादा होता है. वहीं मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों में मोटापा बढ़ने की आशंका भी अधिक रहती है.
मोटापे के कारण त्वचा से जुड़ी कई दिक्कतें भी देखने को मिलती हैं. चेहरे पर झाइयां, हाइपरपिग्मेंटेशन, शरीर की सिलवटों में चकत्ते, खुजली, जलन और पानी भरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वजन घटाने के बाद शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स भी बन सकते हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापे से करीब 13 प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय से जुड़ा एंडोमेट्रियल कैंसर होने की संभावना मोटापे के कारण अधिक पाई गई है.
ज्यादा वजन महिलाओं में गर्भधारण को मुश्किल बना सकता है. मोटापे के कारण बांझपन, पीसीओएस जैसी समस्याएं और प्रेग्नेंसी के दौरान जटिलताएं बढ़ने का खतरा रहता है.
मोटापे का असर पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादा वजन से स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता दोनों कम हो सकती हैं, जिससे फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो मोटापे को नजरअंदाज करना बड़ी भूल साबित हो सकता है. संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर न सिर्फ वजन कंट्रोल किया जा सकता है, बल्कि इन गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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