पूर्व जिला परिषद सदस्य रमेश कुमार माली की पुत्री एवं बीए की छात्रा भावना ने किसानों की समस्याओं, महिला रोजगार, बेटियों की शिक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर…
पूर्व जिला परिषद सदस्य रमेश कुमार माली की पुत्री एवं बीए की छात्रा भावना ने किसानों की समस्याओं, महिला रोजगार, बेटियों की शिक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर दिया जोर
जयपुर (राजस्थान), 13 अक्टूबर: राजस्थान के जालोर जिले की ग्राम पंचायत ऐलाना में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर सरपंच पद की उम्मीदवार भावना कुमारी माली ने गाँव के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। पंचायत समिति उम्मेदाबाद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ऐलाना की निवासी भावना ने किसानों की बिजली और सिंचाई संबंधी समस्याओं, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, महिला रोजगार और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।
जालोर के पूर्व जिला परिषद सदस्य रमेश कुमार माली की पुत्री भावना कुमारी माली वर्तमान में बीए की पढ़ाई कर रही हैं। गाँव की पढ़ी-लिखी युवा उम्मीदवार के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, रोजगार, कृषि सुविधाओं और सरकारी योजनाओं तक ग्रामीणों की पहुँच से जोड़ने पर जोर दिया है।
भावना कुमारी माली ने किसानों की बिजली आपूर्ति, कृषि ट्रांसफॉर्मर, सिंचाई और खेती से संबंधित समस्याओं को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विद्युत वितरण निगम, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय आवश्यक है। उन्होंने किसानों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। इसके अतिरिक्त, पशुपालकों की समस्याओं, पशु चिकित्सा सुविधाओं और पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाने को भी उन्होंने आवश्यक बताया।
भावना ने गाँव के विभिन्न वार्डों में सड़क, पेयजल, नाली निर्माण, जल निकासी और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका कहना है कि प्रत्येक वार्ड की आवश्यकताओं को समझकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने तथा अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने की आवश्यकता है।
भावना कुमारी माली ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार संबंधी सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी मिलने से उनके लिए आय अर्जित करने के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
वर्तमान में बीए की पढ़ाई कर रहीं भावना ने ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, पुस्तकालय, खेलकूद और कौशल विकास की सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी परिवारों तक पहुँचाने की बात कही। इसके साथ ही युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को भी आवश्यक बताया।
भावना ने गाँव में नियमित साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई, जल निकासी और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संबंधित योजनाओं के माध्यम से सुविधाओं में सुधार के प्रयास करने की बात कही।
भावना कुमारी माली के अनुसार, उन्होंने किसी निर्वाचित पद पर न रहते हुए भी गाँव की जनसमस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने और विकास संबंधी प्रयासों में सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय के प्रयास आगे भी जारी रखने की आवश्यकता है। उनके पूर्व प्रयासों से संबंधित विशिष्ट कार्यों और परिणामों का स्वतंत्र दस्तावेजी सत्यापन अभी आवश्यक है।
भावना ने कहा कि ऐलाना की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थल, कृषि गतिविधियाँ और स्थानीय विशेषताएँ गाँव की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने गाँव की आवश्यकताओं और विकास प्रस्तावों को जिला एवं राज्य स्तर के संबंधित विभागों तक पहुँचाने, पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रयास करने की बात कही। उनका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों, रोजगार की संभावनाओं और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विषयों को भी आगे बढ़ाना है।
भावना कुमारी माली ने कहा कि ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड की समस्याओं को सुनना और ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर आवश्यक कार्यों की प्राथमिकता तय करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने, ग्रामीणों के साथ नियमित संवाद रखने तथा किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी को महत्व देने की बात कही। सरपंच पद की उम्मीदवार के रूप में भावना कुमारी माली ने कृषि, शिक्षा, महिला रोजगार, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को अपने प्रस्तावित विकास एजेंडे में शामिल किया है।
संपादकीय सत्यापन नोट: प्रकाशन से पहले उम्मीदवार की आधिकारिक स्थिति, पूर्व जिला परिषद सदस्य का पद, उनके पूर्व कार्यों तथा उद्धृत प्राथमिकताओं की पुष्टि करें।
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