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Kids Party: बच्चों की पार्टी में DJ, तेज म्यूजिक और चमकती लाइटें, भारत में तेजी से बढ़ रहा ‘टॉडलर रेव’ का क्रेज

Kids Party: पश्चिमी देशों में लोकप्रिय हो चुका टॉडलर रेव ट्रेंड अब भारत में भी तेजी से पैर पसार रहा है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में बच्चों के लिए डीजे, चमकती लाइट्स, कंफेटी और नर्सरी राइम्स के इलेक्ट्रॉनिक रीमिक्स के साथ खास पार्टियां आयोजित की जा रही हैं. इन कार्यक्रमों में बच्चे ही नहीं, माता-पिता भी जमकर मस्ती करते हैं, हालांकि तेज म्यूजिक, खाने और साफ-सफाई को लेकर कुछ अभिभावकों ने सवाल भी उठाए हैं.

Kids Party: नाइट क्लब जैसी चमकती लाइटें, डीजे की धुन, रंग-बिरंगे प्रॉप्स, बुलबुले, कंफेटी और म्यूजिक पर झूमती भीड़… पहली नजर में लगेगा कि किसी क्लब की तस्वीर है. लेकिन यहां न तो शराब है और न ही देर रात तक चलने वाली पार्टी. बल्कि डांस फ्लोर पर नजर आते हैं छोटे-छोटे बच्चे, कोई वनपीस पहने तो कोई हाथ में ग्लो स्टिक लिए मस्ती करता हुआ. इसे कहा जा रहा है ‘टॉडलर रेव’, यानी छोटे बच्चों के लिए खास तौर पर तैयार की गई रेव पार्टी. पश्चिमी देशों में लोकप्रिय हो चुका यह ट्रेंड अब भारत में भी दस्तक दे चुका है और माता-पिता अपने बच्चों को इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं.

नर्सरी राइम्स पर थिरकते हैं बच्चे

टॉडलर रेव का कॉन्सेप्ट बेहद दिलचस्प है. इसमें नाइट क्लब के माहौल जैसा दृश्य तैयार किया जाता है, लेकिन संगीत और गतिविधियों को छोटे बच्चों के हिसाब से ढाला जाता है. डीजे बच्चों की पसंदीदा नर्सरी राइम्स और लोकप्रिय गानों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ पेश करते हैं. ऐसे में ‘बेबी शार्क’ जैसे गाने तेज बीट के साथ बजते हैं तो ‘लकड़ी की काठी’ जैसे देसी बच्चों के गाने भी डांस एंथम की तरह सुनाई देते हैं. चारों तरफ चमकती रोशनी, गुब्बारे, बुलबुले, कंफेटी, रंगीन प्रॉप्स और बड़े-बड़े कार्टून कैरेक्टर बच्चों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव देते हैं.

बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली में पहुंचा ट्रेंड

ऑस्ट्रेलियाई डीजे और म्यूजिक प्रोड्यूसर लेनी पियर्स का टॉडलर रेव वर्ल्ड टूर भारत के बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली तक पहुंच चुका है. उनके शो में बच्चों के पसंदीदा गानों के इलेक्ट्रॉनिक संस्करण के साथ बड़े विजुअल्स, गुब्बारे, कंफेटी और बच्चों के पसंदीदा किरदार शामिल किए जाते हैं. इन आयोजनों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहे हैं. बड़ी संख्या में माता-पिता बच्चों के साथ इन कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं.

टिकट के लिए खर्च करने पड़ रहे हजारों रुपये

बच्चों की इस खास पार्टी का अनुभव सस्ता नहीं है. लेनी पियर्स के कार्यक्रम के शुरुआती टिकट करीब 2,000 रुपये से शुरू हुए. बच्चे के साथ माता-पिता के टिकट, आने-जाने, खाने और दूसरी चीजों को जोड़ें तो एक परिवार का खर्च कई हजार रुपये तक पहुंच सकता है. दिल्ली में टॉडलर रेव में शामिल होने के लिए पानीपत से पति और बेटी के साथ पहुंचीं अदिति कक्कड़ ने अकेले टिकट पर करीब 8,000 रुपये खर्च किए. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में बच्चों के लिए फेस पेंटिंग, चमकदार चश्मे और दूसरे मनोरंजक एक्टिविटीज मौजूद थे. छोटे बच्चों के लिए ईयरप्लग दिए जाना भी उन्हें खास तौर पर पसंद आया.

माता-पिता भी बच्चों के साथ जमकर करते हैं डांस

इस ट्रेंड की खास बात यह है कि यहां सिर्फ बच्चे ही नहीं, माता-पिता भी पार्टी का हिस्सा बनते हैं. दिल्ली की गरविता गर्ग के मुताबिक, कार्यक्रम के समय को बच्चों की दिनचर्या को ध्यान में रखकर तय किया गया था. सुबह 11 बजे और शाम 4 बजे के स्लॉट रखे गए थे, जिससे बच्चों की नींद के समय से भी टकराव न हो. करीब दो घंटे के कार्यक्रम में लेनी पियर्स ने लगभग एक घंटे प्रस्तुति दी. बाकी समय बच्चों के लिए दूसरी गतिविधियां चलती रहीं. उनके मुताबिक, दिल्ली का आयोजन स्थल काफी बड़ा था और बच्चों को घूमने-फिरने तथा डांस करने के लिए पर्याप्त जगह मिली.

हर किसी को पसंद नहीं आया तेज म्यूजिक

हालांकि टॉडलर रेव को लेकर सभी माता-पिता की राय एक जैसी नहीं है. चार साल की बेटी की मां विधि मुखी ने इस अनुभव को 10 में से 7 अंक दिए. उन्होंने कार्यक्रम को अनोखा जरूर माना, लेकिन कुछ कमियां भी गिनाईं. उनके मुताबिक, कुछ बच्चों के लिए तेज म्यूजिक ज्यादा हो गया और कुछ माता-पिता को बच्चों को लेकर कार्यक्रम स्थल से बाहर जाना पड़ा. उन्होंने टॉडलर रेव में खाने के विकल्पों को लेकर भी सवाल उठाए. उनके अनुसार, बच्चों के कार्यक्रम में जंक फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजों के बजाय पौष्टिक और बच्चों के अनुकूल विकल्प होने चाहिए थे. साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सुधार की जरूरत बताई.

बच्चों की पार्टी अब बन रही है पूरे परिवार का अनुभव

भारत में टॉडलर रेव का बढ़ता चलन सिर्फ एक नई पार्टी का ट्रेंड नहीं माना जा रहा, बल्कि यह बच्चों के मनोरंजन के बदलते तरीके की ओर भी इशारा करता है. बेंगलुरु में मई में एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसे बच्चों के लिए अपनी तरह की पहली पार्टी बताया गया. इसमें डीजे बीट्स, डिस्को लाइट्स, बुलबुले, ग्लो स्टिक्स और कंफेटी के साथ बच्चों के लिए मिल्क बार भी रखा गया था. अब कुछ डीजे भी बच्चों के लिए खास इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक सेट तैयार कर रहे हैं.

प्ले जोन और जन्मदिन की पार्टी का नया विकल्प?

माता-पिता पहले से ही बच्चों के लिए इंडोर प्ले जोन, थीम बेस्ड बर्थडे पार्टी और वीकेंड एक्टिविटीज पर खर्च करते हैं. ऐसे में टॉडलर रेव उनके लिए एक नया अनुभव बनकर सामने आया है. यह पारंपरिक बच्चों के कार्यक्रम से थोड़ा अलग है. यहां बच्चे अपने पसंदीदा गानों पर डांस करते हैं और माता-पिता भी उनके साथ मस्ती कर सकते हैं. यानी बच्चों की खुशी के साथ बड़ों को भी कुछ समय के लिए पार्टी जैसा माहौल मिल जाता है. शायद यही वजह है कि भारत में टॉडलर रेव का चलन धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींच रहा है.

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