India News (इंडिया न्यूज), Mahakumbh Stampede 2025: प्रयागराज में जारी कुंभ मेले में भगदड़ से हुई सैकड़ों मौतों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को उन्होंने कहा कि सरकार अव्यवस्थाओं और लचर कानून व्यवस्था की वजह से हुई इस त्रासदी पर पर्दा डाल रही है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई को छिपाने के लिए महज 30 मौतें बता रही है, जबकि हकीकत में यह आंकड़ा सैकड़ों में है।
प्रशासनिक लापरवाही से हुआ हादसा
पटवारी ने दावा किया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर कुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन प्रशासन इसे संभालने में नाकाम रहा। अखाड़ा मार्ग पर अचानक बढ़ी भीड़ ने भगदड़ का रूप ले लिया, जिससे नीचे सो रहे श्रद्धालुओं पर लोग गिरते चले गए। पटवारी ने सवाल उठाया कि जब कुंभ के लिए 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए, 2,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और एआई तकनीक लगाई गई, तो फिर यह हादसा कैसे हुआ? उन्होंने सरकार से पूछा कि इतने बड़े मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?
चंदतन पहाड़ी से महात्मा बुद्ध की मूर्ति खंडित कर की गायब, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
मृतकों के शवों तक के लिए नहीं मिली एंबुलेंस
पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुंभ में जहां एक ओर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जा रहे थे, वहीं मृतकों के शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि हाईटेक मेले में मृतकों को डेथ सर्टिफिकेट तक नहीं दिया जा रहा, सिर्फ एक हाथ से लिखा कागज पकड़ा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों लोग अभी भी लापता हैं और उनके परिवार दर-दर भटक रहे हैं।
मध्य प्रदेश के लोगों की मौतों पर सरकार दे जवाब
पटवारी ने कहा कि हादसे में मध्य प्रदेश के कई जिलों – विदिशा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रायसेन आदि – के लोग भी शामिल थे। उन्होंने नर्मदापुरम के एक परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति को अपने भाई का शव घर लाने के लिए सरकार से कोई मदद नहीं मिली और उसे 40,000 रुपये खर्च करने पड़े। पटवारी ने मांग की कि सरकार साफ-साफ बताए कि कुंभ हादसे में मध्य प्रदेश के कितने लोग मारे गए और कितने लापता हैं।