India News (इंडिया न्यूज), Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भोजन-पानी की व्यवस्था की थी। लेकिन एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया, जिसमें पुलिस कमिश्नरेट के एक दरोगा को श्रद्धालुओं के लिए बन रहे भोजन में बालू और राख डालते हुए देखा गया। यह घटना पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई है और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सड़कों पर लंबे जाम के कारण तीर्थयात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की। सोरांव मलाक चतुरी गांव के निवासियों ने भी भंडारे की शुरुआत की थी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजन ग्रहण कर रहे थे।
Prayagraj Mahakumbh 2025: कुंभ में आ रहे श्रद्धालुओं के लिए बनते प्रशाद में दरोगा ने फेंकी राख
ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग महाकुंभ में फँसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे है उनके सद्प्रयासों के ऊपर राजनीतिक विद्वेषवश मिट्टी डाल दी जा रही है।
जनता संज्ञान ले! pic.twitter.com/LTwwKbBwO5
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 30, 2025
पुलिस टीम जब भंडारे के पास पहुंची तो उन्होंने ग्रामीणों से इसे हटाने का निर्देश दिया, यह कहते हुए कि इससे जाम की स्थिति और खराब हो रही है। ग्रामीणों के इंकार पर सोरांव थाने के दरोगा ने तीन बड़े पतीलों में बन रहे भोजन में बालू और राख डाल दी, जिससे भोजन नष्ट हो गया। इस घटना को वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल में कैद कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटना अस्वीकार्य है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “जो लोग महाकुंभ में फंसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, उनके सद्प्रयासों के ऊपर राजनीतिक विद्वेषवश मिट्टी डाली जा रही है। जनता इस पर संज्ञान ले।”
मौनी अमावस्या से मिला सबक, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अमृत स्नान पर महाकुंभ में पांच अहम बदलाव
महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान भारी भीड़ के चलते बुधवार को भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से आसपास के जिलों में श्रद्धालुओं के वाहनों को रोका, जिससे सड़कों पर लंबी कतारें लग गईं। वाहनों में फंसे श्रद्धालुओं की मदद के लिए सामाजिक संगठनों ने भोजन और पानी की व्यवस्था की।
यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का उदाहरण है। जहां एक ओर स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन कुंभ में आए श्रद्धालुओं की मदद के लिए अपनी क्षमता से बढ़कर कार्य कर रहे हैं, वहीं पुलिस के इस प्रकार के व्यवहार ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। यह आवश्यक है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
Prayagraj Mahakumbh Stampede: महाकुंभ में एक और जगह भगदड़, कुछ लोगों की मौत की आशंका
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