हाल ही में एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. यह महिला ट्रेन के अंदर इलेक्ट्रिक केटल का उपयोग करती नजर आ रही हैं, जो ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा में संकट खड़ा कर सकता है. चूंकि इलेक्ट्रिक केटल जैसे उत्पाद अधिक वाट क्षमता वाले होते हैं, इसलिए इनसे शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं के होने की आशंका रहती है. और ट्रेन पर ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करना बड़े खतरे को जन्म दे सकता है. हालांकि जैसे ही रेलवे विभाग को इस घटना की जानकारी हुई, रेलवे सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की पेशकश की.
वीडियो का विवरण
वीडियो में एक महिला ट्रेन के कोच में इलेक्ट्रिक केटल चला रही है, संभवतः चाय या पानी उबालने के लिए. यह हाई-वाट क्षमता वाला उपकरण ट्रेन के सीमित विद्युत सिस्टम के लिए खतरनाक है. ट्विटर यूजर @WokePandemic ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @RailMinIndia और @RailwaySeva को टैग करके अपलोड कर दिया. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा: “लोगों को पता नहीं कि ट्रेन में इलेक्ट्रिक केटल से शॉर्ट सर्किट हो सकता है और आग लग सकती है. जागरूकता अभियान चलाएं.” यह वीडियो 26 फरवरी 2026 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपलोड हुआ.
Dear @RailMinIndia @RailwaySeva
People are not aware that using electric kettle inside train can cause short circuit and can lead to an fire incident.
Please run an awareness campaign about it. pic.twitter.com/fA2CiBsmRy
— Woke Eminent (@WokePandemic) February 26, 2026
रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया
वीडियो की जानकारी मिलते ही रेलवे सेवा ने एक्शन लिया. रेलवे के आधिकारिक अकाउंट ने इस पोस्ट पर जवाब दिया: “PNR नंबर और यात्री का मोबाइल नंबर डीएम पर भेजें, तत्काल कार्रवाई करेंगे.” भारतीय रेलवे की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर सराही गई, जो रेलवे की सक्रियता दर्शाती है. इससे पहले भी ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई हो चुकी है. नवंबर 2025 में महाराष्ट्र एक्सप्रेस के एसी कोच में मैगी पकाने वाली महिला का वीडियो वायरल हुआ था. सेंट्रल रेलवे ने महिला और वीडियो शेयर करने वाले चैनल पर कार्रवाई भी की थी. लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो यात्रियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो अपलोड होते ही वायरल हो गया. नेटिजन्स ने महिला की हरकत की आलोचना की. कईयों ने चेतावनी दी कि ऐसे उपकरण विद्युत सर्किट ओवरलोड कर आग का कारण बन सकते हैं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को खतरा हो सकता है. एक यूजर ने कहा, “सुरक्षा नियमों का पालन करें.” जबकि कुछ ने कमेंट्स में लोगों में जागरूकता की कमी को लेकर चर्चा की.
भारतीय रेलवे हाई-पावर उपकरणों (जैसे हीटर, आयरन, केटल) के उपयोग पर सख्ती बरतती है. कोच के सॉकेट कम वाटेज के लिए हैं, जो ओवरलोड से शॉर्ट सर्किट या आग पैदा कर सकते हैं. अधिकारी जागरूकता अभियान चलाने की वकालत कर रहे हैं.