न्यूयॉर्क सिटी में एक ऐसा कैफे खुला है, जहां डेटिंग के लिए AI पार्टनर होगा. EVA AI नाम का यह कैफे दुनिया का पहला ऐसा स्पॉट जहां लोग अपनी AI गर्लफ्रेंड या पार्टनर के साथ असली डेट एंजॉय कर सकेंगे. यह ट्रेंड उन लोगों के लिए विशेष सहायक है जो सोशल एंग्जायटी से जूझते हैं या रीयल डेटिंग से थक चुके हैं.
AI Dating
दुनिया बदल रही है, और रिश्ते भी. न्यूयॉर्क सिटी में एक ऐसा कैफे खुला है, जहां डेटिंग के लिए AI पार्टनर होगा. EVA AI नाम का यह कैफे दुनिया का पहला ऐसा स्पॉट जहां लोग अपनी AI गर्लफ्रेंड या पार्टनर के साथ असली डेट एंजॉय कर सकेंगे.
यह ट्रेंड उन लोगों के लिए विशेष सहायक है जो सोशल एंग्जायटी से जूझते हैं या रीयल डेटिंग से थक चुके हैं. EVA ऐप के कस्टम AI साथी से फोन पर रोमांटिक बातें भी की जा सकती हैं.
कैफे का इंटीरियर मिनिमलिस्टिक रखा गया है. हल्की लाइटिंग, गोल दीवारें, सिंगल-सीट टेबल्स और हर टेबल पर स्पेशल फोन स्टैंड. फोन को आंखों के लेवल पर रखकर, AI पार्टनर की ‘आंखों’ में देखना होता है. इस पर आप चैट कर सकते हैं, हंस सकते हैं, फीलिंग्स शेयर कर सकते हैं या ड्रिंक्स शेयर कर सकते हैं. कैफे पूरी तरह से जजमेंट फ्री जोन की सुविधा देता है. लोगों की प्राइवेसी के लिए टेबल्स दूर-दूर लगाए गए हैं. फरवरी 2026 में कैफे की फुल ओपनिंग होगी।
EVA AI ऐप यूजर्स अपने AI पार्टनर के नाम नाम, लुक्स और पर्सनालिटी को कस्टमाइज कर सकते हैं. कैफे में रिजर्वेशन बुक करें, अकेले जाएं लेकिन AI आपको अकेला नहीं फील करने देगा. मेन्यू में कॉफी, ड्रिंक्स, स्नैक्स जो भी आप आर्डर करेंगे उसका बिल आपको ही पे करना होगा क्योंकि AI पार्टनर बिल नहीं भरता.
यह कैफे सोशल एंग्जायटी या शर्मीले लोगों के लिए डिजाइन किया गया है. अगर आपको सोशल एंग्जायटी है तो आप डेली बिना किसी रिजेक्शन के डर के यहां पर बातें करने की प्रैक्टिस कर सकते हैं. यह 2013 में आई फिल्म Her की तरह, है जहां AI से प्यार होता है. EVA कैफे के मुताबिक, 30 साल से कम उम्र के 1/3 पुरुष और 1/4 महिलाएं AI से ‘मीनिंगफुल कनेक्शन’ बना चुके हैं क्योंकि AI जज नहीं करता, हमेशा सुनता है.
AI कंपैनियन ऐप्स बूम में हैं. यूजर्स AI से राज, डर, इमोशंस शेयर करते हैं क्योंकि कोई सोशल प्रेशर नहीं. EVA कैफे जैसे AI कैफे इसे और भी नॉर्मलाइज कर देंगे. AI डेटिंग कैफे जैसे इनोवेशन मानसिक स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं, खासकर अकेलेपन से जूझते युवाओं के लिए. लेकिन लंबे समय में यह रीयल रिलेशनशिप स्किल्स को कमजोर कर सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI कभी इंसानी गहराई नहीं दे सकता, इसे लोगों से जुड़ने के लिए ब्रिज की तरह इस्तेमाल करें, न कि ह्यूमन रिप्लेसमेंट के रूप में.
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