Alcohol Policy Nepal: नेपाल में 38.6% पुरुष और केवल 10.8% महिलाएं वर्तमान में शराब पीती पाई गईं. तकरीबन 11.7% पुरुष प्रतिदिन शराब पीते हैं, जबकि महिलाओं में यह अनुपात बहुत कम है. 12.4% पुरुष और केवल 1.7% महिलाएं अत्यधिक शराब पीने की शिकायत करती हैं.
Nepal Alcohol consumption
Nepal Alcohol Consumption: नेपाल में हलिया विरोध प्रदर्शन ने देश की सरकार को हिलाकर रख दिया. नतीजा यह हुआ कि सरकार के सभी बड़े नेताओं जो इस्तीफा देना पड़ा. बता दें, यह विरोध Gen Z युवाओं ने शुरू किया था, जिसकी वजह भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाना था. इसके अलावा, नेपाल से जुड़ी एक और रिपोर्ट सामने आई है, जो युवाओं से ही जुड़ी है. जिसमें शराब के सेवन को लेकर जानकारी दी गई है. हालाँकि रिपोर्ट पुरानी है, लेकिन चिंताजनक है. नेपाल में STEPS सर्वे 2019 के ज़रिए एक रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें 15-69 साल के लोगों को शामिल किया गया था. रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के सेवन पर आँकड़े तैयार किए गए थे.
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नेपाल की संस्कृति में शराब का सामाजिक और धार्मिक महत्व है, हालाँकि साथ ही यह स्वास्थ्य जोखिम और सामाजिक समस्याओं की वजह भी बनती है. रिपोर्ट में पाया गया कि 72.2% वयस्क जीवन भर शराब से दूर रहे, जबकि 23.9% वयस्क शराब पीते रहे. इन आँकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में शराब का सेवन कहीं ज़्यादा है. नेपाल में शराब के सेवन के रुझान स्पष्ट लैंगिक अंतर दर्शाते हैं. 38.6% पुरुष और केवल 10.8% महिलाएं वर्तमान में शराब पीती पाई गईं. तकरीबन 11.7% पुरुष प्रतिदिन शराब पीते हैं, जबकि महिलाओं में यह अनुपात बहुत कम है. 12.4% पुरुष और केवल 1.7% महिलाएं अत्यधिक शराब पीने की शिकायत करती हैं.
नेपाल में शराब की खपत का एक बड़ा हिस्सा अलिखित शराब है, जो न तो आधिकारिक तौर पर बेची जाती है और न ही सरकारी आंकड़ों में दर्ज है. 68.5% शराब पीने वाले अलिखित शराब का सेवन करते हैं. कुल खपत में से 66.3% शराब अलिखित थी. इसमें से अधिकांश घर में बनी स्पिरिट (राक्सी/ऐला) (57.4%) और घर में बनी वाइन (जाद) (36.7%) थी.
नेपाल में शराब आसानी से उपलब्ध है और यह एक बड़ी चुनौती है. केवल 11.8% लोगों का मानना था कि शराब मिलना मुश्किल है. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लगभग 27.9% लोगों ने माना कि शराब पहले की तुलना में सस्ती हो गई है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह थी कि 15-18 वर्ष आयु वर्ग के किसी भी उत्तरदाता को उसकी उम्र के कारण शराब खरीदने से नहीं रोका गया, जबकि कानूनी न्यूनतम आयु 18 वर्ष है. इससे साफ़ पता चलता है कि शराब नियंत्रण से जुड़े कानूनों का ठीक से पालन नहीं हो रहा है और इन्हें सख्ती से लागू करने की ज़रूरत है.
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