21वीं सदी में भी लोग पीरियड को लेकर ऐसी मानसिकता रखते हैं कि आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि हमारे देश में लोगों का मानसिक स्तर कितना अल्पविकसित है. हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में ऐसा ही कुछ देखने को मिला. मुंबई की सड़कों पर मौजूद लोगों का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों ने पीरियड्स को 'गंदगी' बताया और कहा कि पीरियड में मंदिर जाने पर पाबंदी उचित है. इस इंटरव्यू ने सोशल मीडिया पर पीरियड्स को लेकर एक नई बहस छेड़ दी. वीडियो की पूरी कहानी इंस्टाग्राम यूजर @fahhkaran ने यह वीडियो शेयर किया, जिसमें मुंबई की सड़कों पर लोगों से पीरियड्स पर कुछ सवाल पूछे गए. इंटरव्यूअर ने कहा, "आज का सवाल थोड़ा सेंसिटिव है. भारत में अभी भी पीरियड्स को टैबू माना जाता है. आइए मुंबईवालों से जानें." इस छोटे-से इंट्रो के बाद जब वह लोगों से सवाल पूछना शुरू करता है तो एक महिला ने कहा, "पीरियड्स है तो गंदगी है." वहीं एक दूसरे व्यक्ति ने इस पर कहा, "उस वक्त शरीर की गंदगी बाहर निकलती है, इसलिए अछूत माना जाता है. इसीलिए मंदिर नहीं जाना चाहिए." इसी तरह अन्य लोगों ने भी पीरियड्स को लेकर अपने विचार जाहिर किये. जयादातर लोगों का मानना था कि पीरियड्स अछूत और गंदे होते हैं, साथ ही इस दौरान किसी भी मंदिर और धार्मिक कार्य से दूर रहना चाहिए. View this post on Instagram A post shared by Fahh_Karan (@fahh_karan) सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस वीडियो वायरल होते ही नेटिजेंस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा, "पीरियड्स गंदगी नहीं, लोगों के दिमाग में गंदगी है. शिक्षा जरूरी है." एक और यूजर ने कहा, "पीरियड्स की वजह से ही हम सब इंसान हैं, ये कैसे गंदा हो सकता है?" कुछ लोगों ने इस पर व्यंग्य भी किया, "औरतें, बच्चे पैदा करना बंद करो! हम मानव जाति को ही खत्म कर सकते हैं." बहस में पीरियड्स से जुड़ी जागरूकता और शिक्षा की मांग तेज हो गई. 2026 में भी कई लोग पीरियड्स को अपवित्र मानते हैं. कई घरों में इस दौरान महिलाएं मंदिरों और रसोई से दूर रहती हैं.