Sala Bidha Odisha Wedding Tradition: कुछ जगहों साल दूल्हे को लात भी मारता है. साला बिधा रस्म ससुराल पक्ष और दूल्हे के बीच हंसी-मजाक के रिश्ते को मजबूत करती है.
Sala Bidha Odisha Wedding Tradition: ससुराल में कौन करता है दूल्हे की पिटाई
Sala Bidha Odisha Wedding Tradition: ओरिसा या ओडिशा राज्य में संस्कृति के कई रंग देखने के लिए मिलते हैं. यह विविधता शादी समारोह के दौरान भी नजर आती है. ओडिया लोगों की यह सादगी उनकी शादी की रस्मों में भी साफ तौर पर झलकती है. ओडिशा में शादी के दौरान धन और रुतबे का दिखावा कम ही नजर आता है. यहां पर लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने को बहुत ज़्यादा अहमियत देते हैं. ओडिया लोगों की ज़िंदगी में धार्मिक आस्था की अहम भूमिका होती है. यहां का जगन्नाथ मंदिर देश के साथ-साथ दुनियाभर में मशहूर है. इस स्टोरी में हम बात करेंगे साला बिधा के बारे में, जिसमें दुल्हन का भाई दूल्हे को उसके कर्तव्यों की याद दिलाने के लिए उसे लात मारता है.
ओडिशा राज्य में शादी की रस्मों में उनकी स्थानीयता साफ-साफ़ दिखाई देती है. शादी के लिए ओडिया शब्द ‘बाहघरा’ है, जहां ब्राह्मणों की शादियां दिन के समय होती हैं, वहीं दूसरी ओडिया जातियों की शादियां शाम के समय होती हैं.
निर्बंध: कुंडली मिलाने के बाद यह एक औपचारिक सगाई होती है. इस रस्म के दौरान दूल्हा और दुल्हन के पैरेंट्स और करीबी रिश्तेदार ही मौजूद होते हैं. इस दौरान यानी निर्बंध रस्म के दौरान शादी के लिए अपनी सहमति देते हैं और वचन बदलते हैं.
जयी अनुकोलो: यह रस्म शादी की शुरुआती में निभाई जाती है. दोस्तों-रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांटे जाते हैं. ओडिशा में पहला कार्ड भगवान को चढ़ाया जाता है और दूसरा कार्ड दुल्हन के मामा को भेजा जाता है. इस कड़ी में तीसरा कार्ड दुल्हन के घर भेजा जाता है, ताकि वे शादी की तैयारियां शुरू करें.
मंगन: यह हल्दी की रस्म है। शादी के दिन से पहले, सात सुहागन औरतें दूल्हा और दुल्हन को हल्दी का लेप लगाती हैं, जिसके बाद वे पवित्र स्नान करते हैं।
दिया मंगुला पूजा: परिवार की नाईन (बाल काटने वाली महिला) पास के किसी मंदिर में जाकर दूल्हा और दुल्हन के कपड़ों, गहनों और दूसरी चीज़ों के लिए आशीर्वाद लेती है.
बराजत्री: दूल्हा, उसका परिवार और दोस्त शादी की जगह के दरवाज़े पर पहुंचते हैं. वहां दुल्हन की मां छोटी सी आरती करके और तिलक लगाकर दूल्हे का स्वागत करती है, जिसे ‘बराजत्री’ कहा जाता है.
कन्यादान: यह एक बहुत ही खास पल होता है, जब दुल्हन के पिता अपनी बेटी को दूल्हे के हाथों सौंपते हैं.
सप्तपदी: दूल्हा और दुल्हन पवित्र अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते हैं, जहाँ वे एक-दूसरे से लंबे और सुखद वैवाहिक जीवन का वादा करते हैं। इस रस्म में दुल्हन पत्नी बन जाती है और दूल्हा पति बन जाता है।
हाथा घंटी: दुल्हन का भाई पवित्र अग्नि में दूल्हा और दुल्हन के लिए फूला हुआ चावल (लाई) डालता है.
साला बिधा: यह एक अनोखी रस्म है, जिसमें दुल्हन का भाई दूल्हे को उसके कर्तव्यों की याद दिलाने के लिए उसे लात मारता है. दरअसल, ‘साला बिधा’ (Sala Bidha) ओडिशा की शादियों में होने वाली एक मज़ेदार रस्म है. होता यह है कि दुल्हन का भाई यानी साला दूल्हे की पीठ पर हल्के से मुक्का मारता है. यह रस्म दूल्हे को उसकी पत्नी के प्रति जिम्मेदारियों और वादों की याद दिलाने के लिए की जाती है.
अष्ट मंगला: ओडिशा की संस्कृति में शादी के 8 दिन बाद नवविवाहित जोड़ा दुल्हन के मायके जाता है. यहां पर उनके सम्मान में एक भव्य दावत का आयोजन किया जाता है.
ये भी पढ़ें:- सुहागरात से पहले ही उतरा दूल्हे का पायजामा! जयमाला डालते ही दुल्हन को देख हुआ बेकाबू; देखें VIDEO
Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे…
Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: को लेकर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में…
चलिए जानते हैं दोनों स्कूटरों के बीच अंतर और आपके लिए कौन सा ज्यादा किफायती…
Silver Price Today 19 May 2026: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव…
Gold Price Today 19 May 2026 : मंगलवार (19 मई, 2026) को भी सोने की…
Funny Jokes of the Day: हेल्थ एक्सपर्ट भी खुश रहने की सलाह देते हैं. बता…