Transgender Viral Video: ट्रेनों में किन्नरों द्वारा पैसे मांगना एक बेहद ही पुरानी परंपरा रही है, लेकिन हाल के कुछ सालों में ‘जबरदस्ती’ (Harassment) और ‘अभद्र व्यवहार’ की घटनाओं ने इसे एक विवादित रूप दे दिया है. जब पैसे न देने पर बदसलूकी या बददुआएं दी जाती हैं, तो यात्रियों का धैर्य जवाब दे जाता है. ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया जिसने एक बार फिर से गई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और साथ ही घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसकी लोग जमकर आलोचना कर रहे हैं.
आखिर क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक ट्रेन में किन्नर के साथ की जा रही मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है कि कैसे यात्री जमकर किन्नर की पिटाई करते हुए नज़र आ रहे हैं. हालांकि, यह रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें और ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाए ताकि यात्रियों को कानून अपने हाथ में न लेना पड़े.
यहां देखें वायरल वीडियो
Train के अंदर किन्नरों का उत्पात(ज़बरदस्ती) कुछ ज्यादा ही रहता है, इसी से परेशान होकर कुछ यात्रियों ने मिलकर किन्नर की अच्छे से धुलाई कर डाली।।
किन्नर कुछ ज्यादा ही जबरदस्ती करने लगती है ऐसा करके मुझे लगता है सही किया है।। pic.twitter.com/nzIOGxHWET
— Salaar (@adnanadviser) February 8, 2026
क्या हिंसा ही है समाधान?
हालांकि, यात्रियों का गुस्सा समझ में आता है, लेकिन कानून को हाथ में लेना या फिर किसी भी तरह का हिंसा करना कानूनी और मानवीय सही नहीं माना जा सकता है. दरअसल, इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं. मारपीट करने पर यात्रियों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा सकता है, जिससे उनके सफर पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है.
तो वहीं, दूसरी तरफ कई बार समूह में की गई हिंसा निर्दोष या फिर कम आक्रामक व्यक्ति पर भी निकल जाती है, जो कि पूरी तरह से गलत है. इसके अलावा यह समस्या प्रशासन की लापरवाही को भी एक बार फिर से ऊजागर करता है.
क्या होना चाहिए सही तरीका?
गुस्से में हिंसा करने के बजाय, इन कानूनी तरीकों को अपनाना ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित माना जाता है. ट्रेन में किसी भी तरह की जबरदस्ती होने पर तुरंत ‘रेल मदद’ ऐप या 139 पर शिकायत करने की कोशिश करें. इसके साथ ही आरपीएफ अगले स्टेशन तुरंत ही पहुंच जाएगी.
इसके अलावा आप वीडियो बनाकर रेल मंत्रालय और संबंधित रेलवे जोन को भी टैग कर मदद मांग सकते हैं. तो वहीं, बिना अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए साफ तौर से मना करने की कोशिश करें.