5 Famous Ganpati Pandals: लालबाग ही नहीं, देश की इन 5 जगहों पर भी सजते हैं गणेश जी के सबसे भव्य पंडाल!
देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े ही भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता. घर-घर में बप्पा की स्थापना से लेकर बड़े-बड़े पंडालों तक, हर तरफ केवल “गणपति बप्पा मोरया” की गूँज सुनाई देती है. इस साल 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस 10 दिवसीय उत्सव की रौनक हर जगह देखने लायक है.
5. पश्चिम बंगाल में गणेश पूजन की रौनक
पश्चिम बंगाल मुख्य रूप से अपनी भव्य दुर्गा पूजा के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब यहाँ भी गणेश चतुर्थी का उत्साह तेज़ी से बढ़ रहा है. कोलकाता और राज्य के अन्य शहरी इलाकों में लोग अपने घरों में बप्पा की स्थापना करते हैं और सुंदर सार्वजनिक पंडाल सजाकर गणेशोत्सव को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं.
4. पुणे का ऐतिहासिक गणेशोत्सव
मुंबई के बाद पुणे गणेशोत्सव का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक केंद्र है. यहाँ का 'श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति' मंदिर अपनी भव्यता के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. इसके अलावा कसबा गणपति, तांबड़ी जोगेश्वरी और तुलशीबाग जैसे ऐतिहासिक मंडल भी पुणे की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को आज भी जीवंत रखे हुए हैं.
3. मुंबई के अन्य भव्य पंडाल
मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान जगह-जगह एक से बढ़कर एक भव्य पंडाल सजते हैं. इनमें खेतवाड़ी गणराज, अंधेरीचा राजा, चिंचपोकलीचा चिंतामणि और गिरगांवचा राजा प्रमुख हैं. अपनी विशाल मूर्तियों, भव्य सजावट और अनोखी कला के कारण ये पंडाल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मुख्य आकर्षण बने रहते हैं.
2. गणेश गली के 'मुंबईचा राजा'
गणेश गली का 'मुंबईचा राजा' पंडाल अपनी अनोखी थीम और कलात्मक सजावट के लिए पूरी मुंबई में मशहूर है. साल 2026 में यह मंडल अपने उत्सव का 99वाँ वर्ष मना रहा है. इस ख़ास मौके पर यहाँ महाराष्ट्र की 'संत परंपरा' पर आधारित एक बेहद ख़ास और धार्मिक झाँकी तैयार की गई है.
1. मन्नत के राजा – लालबागचा राजा (मुंबई)
मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणेश मंडलों में 'लालबागचा राजा' का नाम सबसे पहले आता है. इन्हें 'मन्नत का राजा' भी कहा जाता है. साल 1934 से शुरू हुए इस पंडाल में बप्पा के दर्शन करने और अपनी मन्नत मांगने के लिए आम श्रद्धालुओं से लेकर देश की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ घंटों कतार में खड़ी रहती हैं.