दिलीप कुमार का दोस्त, 600 से ज्यादा फिल्मों का हीरो- मूंछों और अमिताभ संग जबरदस्त केमिस्ट्री से बना पहचान
कद में छोटे लेकिन टैलेंट में बहुत बड़े, इस एक्टर ने साबित किया कि हाइट कभी स्टारडम की राह में रुकावट नहीं बनती. उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन पर एक यादगार जोड़ी बनाई, उनकी तारीफ हासिल की, और अपनी अचानक मौत से इंडस्ट्री को सदमे में डाल दिया. उनका असर ऐसा था कि दिलीप कुमार ने उनके लिए ऐसे दुख जताया जैसे वह उनके परिवार का हिस्सा हों. यह एक ऐसे स्टार की कहानी है जिसने 600 से ज़्यादा फिल्मों में लोगों का दिल जीता.
मुकरी का क्या था पूरा नाम?
जिस एक्टर की बात हो रही है, वह मुकरी हैं एक जाने-माने भारतीय फिल्म कॉमेडियन जिनका असली नाम मोहम्मद उमर मुकरी था.
600 से ज़्यादा फिल्मों में किया काम
मोहम्मद उमर मुकरी ने अपने लगभग 50 साल के करियर में 1940 के दशक के बीच से लेकर 1990 के दशक तक, 600 से ज़्यादा हिंदी फिल्मों में काम किया.
किस चीज के लिए थी पहचान?
वह अपनी खास मूंछों और कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते थे, जिसने उन्हें कई फिल्मों में एक यादगार सपोर्टिंग एक्टर बनाया.
दिलीप कुमार और मुकरी की कहां हुई दोस्ती?
मोहम्मद उमर मुकरी और दिलीप कुमार स्कूल के दोस्त और करीबी साथी थे उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक साथ की थी, 1945 में एक ही फिल्म (प्रतिमा) से डेब्यू किया था.
साल 2000 में हुई मुकरी की मौत
उनकी दोस्ती ज़िंदगी भर चली और कहा जाता है कि 2000 में मोहम्मद उमर मुकरी की मौत के समय दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो उनके साथ थे.
अमिताभ बच्चन ने क्यों किया था उनका जिक्र?
अमिताभ बच्चन ने एक बार फिल्म शराबी के एक डायलॉग में मोहम्मद उमर मुकरी की खास मूंछों का ज़िक्र किया था यह दिखाता है कि उनका लुक टॉप स्टार्स के बीच भी कितना असरदार था.
ये थीं उनकी महशूर फिल्में
मोहम्मद उमर मुकरी की कुछ मशहूर फिल्मों में मदर इंडिया (1957), अमर अकबर एंथनी (1977), लावारिस (1981), बॉम्बे टू गोवा (1972), और गोपी (1970) शामिल हैं.
बेहतरीन टाइमिंग के लिए हुई सराहना
मोहम्मद उमर मुकरी की ऑन-स्क्रीन मौजूदगी अक्सर कॉमिक रिलीफ देती थी उन्हें उनके छोटे कद, एक्सप्रेसिव चेहरे और बेहतरीन टाइमिंग के लिए सराहा गया जिसने उन्हें दशकों तक बॉलीवुड सिनेमा में एक पसंदीदा सपोर्टिंग एक्टर बनाया.