आपातकाल के दौर में विवादों से उभार तक कैसी रही राजनीति, हिंसा के आरोपों के बावजूद दो बार चुनाव जीते पिनाराई विजयन
Pinarayi Vijayan: एक प्रमुख कम्युनिस्ट नेता और केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन लगातार दो बार से ऐतिहासिक जीत हासिल कर रहे हैं. उन्होंने राजनीति में वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे को नया रूप दिया है. केरल की राजनीति में उन्हें एक मजबूत और कठोर नेता के तौर पर देखा जाता है. आपातकाल के दौरान वे काफी चर्चा में रहे थे. आपातकाल के दौरान गिरफ्तार होने वाले नेताओं की लिस्ट में उनका नाम भी शामिल था. पिनाराई विजयन ने एक बार इस मुद्दे पर बात करते हुए बताया था कि आपातकाल के दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर बुरी तरह से प्रताड़ित किया था. उन्हें कन्नूर सेंट्रल जेल में रखा गया था. उन्होंने आपातकाल के बाद विधानसभा में न सिर्फ पुलिस अत्याचारों की कहानी सुनाई बल्कि खून से सनी हुई अपनी शर्ट दिखाकर तत्कालीन सरकार पर सवाल खड़े किए थे.
छात्र राजनीति की शुरुआत
बता दें कि पिनाराई विजयन ने केरल स्टूडेंट फेडरेशन से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी. उन्होंने फेरी किराए में बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन किया और चर्चा में आ गए. 1964 में वे सीपीआई(एम) में शामिल हो गए. जल्द ही उन्होंने अपना दबदबा बनाया और कन्नूर के एक प्रमुख नेता बनकर उभरे.
राजनीतिक सफर
साल 1998 से 2015 तक वे केरल राज्य सचिव रहे. उन्होंने 2016 और 2021 में मुख्यमंत्री पद संभाला. उन्होंने 2021 में केरल के 40 साल के इतिहास को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की. उस दौरान LDF ने 140 में से 99 सीटें जीती थीं.
मिलीं ये उपाधि
इतना ही नहीं, उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर काम करते हुए कप्तान की उपाधि मिली. बता दें कि 2018 में आई बाढ़, निपाह वायरस और पिर कोविड 19 के दौरान कुशल प्रशासनिक नेतृत्व किया, जिसके कारण उन्हें कप्तान की उपाधि मिली.
कल्याणकारी योजनाएं
उन्होंने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया. उन्होंने पेंशन और मुफ्त राशन जैसे कई कल्याणकारी योजनाओं के जरिए अपनी पहुंच मजबूत की.
कन्नूर में राजनीतिक हिंसा
केरल में खासकर उनके गृह जिले कन्नूर में पिनाराई विजयन पर आरोप लगा कि उन्होंने सीपीआई(एम) और आरएसएस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक हिंसा कराई है.
RSS कार्यकर्ता की हत्या का आरोप
1969 में RSS कार्यकर्ता वर्डिकल रामाकृष्णन की हत्या के मामले में भी विजयन को आरोपी बताया था. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.
टीपी चंद्रशेखरन हत्याकांड
पिनाराई विजयन पर उनके पूर्व साथी टीपी चंद्रशेखरन की हत्या के मामले में भी उन पर सवाल उठे. इसको लेकर विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की थी.
हालिया विवाद
2024 में जनसंपर्क यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ झड़प कराने का आरोप लगा. विपक्षी दलों ने उनके बयानों को लेकर उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. इस मामले में उनके खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए थे.