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घर में दीया क्यों जलातें हैं? जानिए शास्त्रों में बताए गए सही तरीका, भूल से भी न करें ये गलतियां वरना हो सकती है समस्याएं

How to Light a Diya at Home: घर में दीया जलाना सिर्फ प्रकाश का स्रोत नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिकता, शुद्धता और दिव्यता का प्रतीक भी है. दीया की लौ भगवान की उपस्थिति, पवित्र ऊर्जा और मानसिक शांति का संकेत देती है. आइए जानते हैं घर में दीया जलाने के नियम, परंपरा और महत्व के बारे में.

Last Updated: February 12, 2026 | 3:50 PM IST
Ancient Tradition of Lighting Diyas - Photo Gallery
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दीया जलाने की प्राचीन परंपरा

दीया जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. हिंदू धर्म में, दीया जलाने की परंपरा वैदिक रीति-रिवाजों में निहित है, जहां प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है जो अज्ञान के अंधकार को दूर करता है. दीया की लौ अक्सर अग्नि देवता से जुड़ी मानी जाती है और यह उनकी दिव्य उपस्थिति और शुद्धिकरण की शक्ति की ओर संकेत करती है.

Importance of Lighting Diyas at Home - Photo Gallery
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घर में दीया जलाने का महत्व

पूजा करते समय दीया जलाना हमारे लिए स्वाभाविक है. चाहे वह मंदिर हो या घर का पूजा स्थल, दीया जलाना सभी भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होता है. जलता हुआ दीया सिर्फ आध्यात्मिक प्रक्रिया का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे आस-पास की दिव्य ऊर्जा से जुड़ाव का भी प्रतीक है.

Divine Presence in the Diya - Photo Gallery
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दीया में दिव्यता की उपस्थिति

घर या मंदिर में दीया जलाने का मुख्य कारण इसका आध्यात्मिक प्रतीक है. सिखाया जाता है कि दीया को स्वयं बुझाना नहीं चाहिए और तब तक बुझाना नहीं चाहिए जब तक तेल खत्म न हो जाए. यह माना जाता है कि जलती हुई लौ दिव्यता की उपस्थिति का प्रतीक है. कई परंपराओं में, यह लौ मार्गदर्शक का काम करती है, व्यक्ति को भौतिक दुनिया से दूर आध्यात्मिकता और मोक्ष की ओर ले जाती है.

Sacred Energy of a Diya - Photo Gallery
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दीया से पवित्र ऊर्जा का संचार

दीया की हल्की रोशनी घर, कमरे या बड़े मंदिर का माहौल उज्ज्वल कर देती है. यह वातावरण भक्तों को शांत और केंद्रित महसूस कराता है, जिससे ध्यान केंद्रित करना आसान होता है. दीया की गर्म और कोमल रोशनी दिव्यता की उपस्थिति की याद दिलाती है और व्यक्ति को बाहरी दुनिया की बाधाओं से दूर अपने भीतर ध्यान लगाने के लिए प्रेरित करती है

Symbol of Purity  Positivity - Photo Gallery
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दीया: शुद्धता और सकारात्मकता का प्रतीक

दीया बनाने के लिए विशेष सामग्री का उपयोग करना प्रोत्साहित किया जाता है, जैसे मिट्टी या पीतल. यह शुद्धता का प्रतीक होता है. दीया जलाना आत्मा और वातावरण की शुद्धि का प्रतीक बन जाता है और आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है.

Benefits of Lighting Diyas During Festivals - Photo Gallery
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त्योहारों में दीया जलाने के लाभ

हिंदू परंपरा में त्योहारों और समारोहों के दौरान दीया जलाने से दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है और कोई बुरी घटनाएं नहीं होतीं. दीया की शुद्धता सभी उपस्थित लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करती है. त्योहारों के दौरान दीया जलाना सिर्फ प्रकाश का स्रोत नहीं है, बल्कि यह शुद्धता, सकारात्मकता और ज्ञान का प्रतीक भी है

Diya Lighting Traditions in Diwali - Photo Gallery
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दिवाली में दीया जलाने का महत्व

कई मान्यताओं के अनुसार, दीया जलाने की परंपरा दिवाली के समय शुरू हुई. जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तो लोगों ने घर और रास्तों को दीयों से रोशन किया. तब से हर दिवाली लोग दीया खरीदते और अपने घरों को रोशन करते हैं.

मिट्टी के दीया का महत्व और लाभ - Photo Gallery
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मिट्टी के दीया का महत्व और लाभ

मिट्टी का दीया हर हिंदू घर में होता है. दिवाली, धनतेरस या अन्य छोटे त्योहारों में यह पहला प्राथमिकता का होता है. मिट्टी का दीया जैविक और स्थायी माना जाता है. इसमें रुई का बट्टा डालकर जलाने से मन की एकाग्रता भी बढ़ती है. त्योहारों के दौरान दीया जलाना अंधकार पर विजय का प्रतीक माना जाता है.

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