जामनगर से लेकर वेनेज़ुएला तक… ये हैं दुनिया की 5 सबसे बड़ी रिफाइनरियां, भारत ने कैसे सबको छोड़ा पीछे!
World Largest Oil Refinery: आज की दुनिया में किसी भी देश की प्रगति के पहिये बिना ईंधन के नहीं घूम सकते. चाहे सड़कों पर तेज़ी से दौड़ते वाहन हों या आसमान में उड़ते हवाई जहाज़, इन सभी को चलाने के लिए जरूरी ऊर्जा विशाल तेल रिफाइनरियों से ही मिलती है. इन सुविधाओं को आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है.ये वो जगहें हैं जहाँ धरती से निकाले गए काला सोना (कच्चे तेल) को चमचमाते पेट्रोल और डीजल में बदला जाता है. दुनिया में कई विशाल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स हैं जहाँ तेल की नदियाँ बहती हैं और उनकी जबरदस्त उत्पादन क्षमता किसी को भी हैरान करने के लिए काफी है. आइए, हम तेल के इन बादशाहो के बारे में जानें, ये वो सुविधाएँ हैं जो वैश्विक बाज़ार पर अपना दबदबा और नियंत्रण रखती हैं.
जामनगर रिफाइनरी (भारत)
तेल रिफाइनिंग के क्षेत्र में भारत ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है. गुजरात के जामनगर में स्थित रिफाइनरी इस समय दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के स्वामित्व वाली इस विशाल सुविधा का संचालन एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी करते हैं.
जामनगर रिफाइनरी (भारत)
जामनगर रिफाइनरी की क्षमता इतनी विशाल है कि यह प्रतिदिन लगभग 12 लाख 40 हज़ार बैरल कच्चे तेल को रिफाइन कर सकती है. यह न केवल भारत की घरेलू ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करती है बल्कि बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी ईंधन का निर्यात करती है.
परागुआना रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स (वेनेज़ुएला)
लैटिन अमेरिका का एक देश वेनेज़ुएला दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों का स्वामी है और यह बात बिल्कुल सही है कि इसका परागुआना रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स भी आकार में उतना ही विशाल है. इस कॉम्प्लेक्स का संचालन देश का सरकारी उद्यम पेट्रोलेओस डी वेनेज़ुएला (PDVSA) करता है. 2021 के आँकड़ों के अनुसार इस सुविधा में प्रतिदिन लगभग 10 लाख बैरल कच्चे तेल को रिफाइन किया जाता है.
उल्सान रिफाइनरी (दक्षिण कोरिया)
एशियाई तेल बाज़ार में दक्षिण कोरिया का लंबे समय से दबदबा रहा है. इसकी उल्सान तेल रिफाइनरी को दुनिया की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत रिफाइनरियों में से एक माना जाता है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस रिफाइनरी में प्रतिदिन लगभग 850,000 बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है.
उल्सान रिफाइनरी (दक्षिण कोरिया)
यह सुविधा न केवल दक्षिण कोरिया की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि पूरे पूर्वी एशियाई क्षेत्र में तेल वितरण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी काम करती है. इसकी उन्नत तकनीक और परिचालन दक्षता इसे दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग केंद्रों की सूची में लगातार सबसे ऊपर रखती है.
येओसु रिफाइनरी (दक्षिण कोरिया)
दक्षिण कोरिया के पास केवल एक ही नहीं बल्कि कई प्रमुख रिफाइनरियाँ हैं. यहाँ स्थित येओसु रिफाइनरी को देश की दूसरी सबसे बड़ी और पूरे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी माना जाता है. आँकड़ों के अनुसार इस सुविधा में हर साल लगभग 40 मिलियन टन कच्चे तेल को रिफाइन किया जाता है. अगर हम इसे दैनिक क्षमता के रूप में देखें तो पेट्रोल और डीजल बनाने के लिए यहाँ हर दिन लगभग 700,000 बैरल तेल प्रोसेस किया जाता है.
ओन्सन रिफाइनरी (दक्षिण कोरिया)
दक्षिण कोरिया की एक और प्रमुख रिफाइनरी का नाम ओन्सन है. हालाँकि इसके उत्पादन के आँकड़े अन्य घरेलू रिफाइनरियों से थोड़े पीछे हो सकते हैं, लेकिन इसकी असली खासियत इसकी तकनीक में निहित है.
ओन्सन रिफाइनरी (दक्षिण कोरिया)
ओन्सन रिफाइनरी विशेष रूप से जापान जैसे देशों के कड़े पर्यावरणीय मानकों को पूरा करने के लिए जानी जाती है. यह ऐसा पेट्रोल और डीज़ल बनाती है जिससे बहुत कम प्रदूषण होता है.