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Mental Stress: तनाव सिर्फ दिमाग नहीं, पूरे शरीर को करता है बीमार; नोट कर लें बचाव का आसान तरीका

Mental Health Awareness: आज की दुनिया में, तनाव हर किसी की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है, यह न सिर्फ़ हमारी मानसिक सेहत पर, बल्कि हमारे पूरे अस्तित्व पर असर डाल रहा है. आइए जानें कि हम इससे खुद को कैसे बचा सकते हैं.

Last Updated: April 11, 2026 | 8:01 PM IST
Minor problems have an impact on mental health. - Photo Gallery
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छोटी-छोटी समस्या का मानसिक सेहत पर पड़ता हैं

हम अक्सर मानसिक सेहत को उतना गंभीरता से नहीं लेते, जितना लेना चाहिए. इस अनदेखी का सीधा असर हमारी सोचने, समझने और फ़ैसले लेने की क्षमता पर और यहां तक कि हमारी शारीरिक सेहत पर भी पड़ता है. जब मन शांत और संतुलित होता है, तो ज़िंदगी आसान लगती है; लेकिन, जब मन तनाव, चिंता या नकारात्मक विचारों से घिरा होता है, तो छोटी-छोटी समस्याएं भी बहुत बड़ी और बोझिल लगने लगती हैं.

Mental health affects both the body and the mind. - Photo Gallery
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मानसिक सेहत का तन और मन दोनों पर पड़ता हैं असर

आयुर्वेद में, मानसिक सेहत को बहुत गहराई से समझा गया है. इस प्राचीन विज्ञान के अनुसार, मन सिर्फ़ विचारों का केंद्र नहीं है; बल्कि, यह तन और मन को जोड़ने वाले एक पुल का काम करता है. जब मन संतुलित रहता है, तो तन और मन, दोनों पूरी तरह तालमेल में काम करते हैं. इसके विपरीत, जब मन अस्थिर हो जाता है, तो इसका बुरा असर शारीरिक सेहत और ज़िंदगी की पूरी गुणवत्ता पर पड़ता है.

सेहत से जुड़ी समस्याओं का उभरना

आज की तेज रफ़्तार दुनिया में, तनाव, चिंता, गुस्सा और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बहुत आम हो गई हैं. लोग लगातार किसी न किसी तरह के दबाव में रहते हैं, चाहे वह काम से जुड़ा हो, रिश्तों से, या भविष्य को लेकर चिंताओं से. यही मानसिक असंतुलन धीरे-धीरे शारीरिक बीमारियों के रूप में सामने आता है, जिनमें नींद न आना, सिरदर्द, थकान, पाचन संबंधी विकार और यहां तक कि ज़्यादा गंभीर पुरानी बीमारियां भी शामिल हैं.

Improve your lifestyle to boost your mental health. - Photo Gallery
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मानसिक सेहत दुरुस्त करने के लिए जीवनशैली सुधारें

आयुर्वेद के अनुसार, मानसिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में सबसे ज़रूरी कदम है अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में सुधार करना. अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में थोड़ी नियमितता और अनुशासन लाकर, हम अपने मन को प्रभावी ढंग से शांत और स्थिर रख सकते हैं. एक तय समय पर सोना और जागना, संतुलित आहार लेना, और शरीर को पर्याप्त आराम देना, ये सभी आदतें बेहद ज़रूरी हैं.

Practice Pranayama to improve your mental health. - Photo Gallery
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मानसिक सेहत दुरुस्त करने के लिए प्राणायाम का करें

इसके अलावा, आयुर्वेद में, ध्यान और प्राणायाम को मानसिक सेहत को बढ़ावा देने के सबसे असरदार तरीकों में से एक माना जाता है. जब हम गहरी सांस लेने की तकनीकों का अभ्यास करते हैं, तो पूरे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है, और मन धीरे-धीरे शांति की स्थिति में आने लगता है. ध्यान का अभ्यास करने से विचारों की लगातार भाग-दौड़ धीमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति यह सीख पाता है कि वर्तमान क्षण में पूरी तरह से कैसे जिया जाए.

Spend time amidst nature to improve your mental health. - Photo Gallery
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मानसिक सेहत ठीक करने के लिए प्रकृति के बीच समय बिताएं

आयुर्वेद इस बात पर ज़ोर देता है कि मानसिक शांति पाने के लिए प्रकृति के साथ जुड़ाव बहुत जरूरी है. पेड़-पौधों के बीच समय बिताना, सुबह की ताज़ी हवा में सांस लेना, और कुछ देर के लिए शांत माहौल में चुपचाप बैठना, ये सभी मन को स्थिर करने में मदद करते हैं. आज के डिजिटल युग में जहां शोर हर जगह है और स्क्रीन पर बिताया जाने वाला समय बहुत ज़्यादा बढ़ गया है प्रकृति से जुड़ना और भी ज़्यादा जरूरी हो गया है.

Consume a balanced diet for mental health. - Photo Gallery
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार का सेवन करें

खान-पान का भी मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है. बहुत ज़्यादा तली-भुनी, मसालेदार या प्रोसेस्ड चीज़ें खाने से मानसिक अस्थिरता हो सकती है. आयुर्वेद में सात्विक भोजन को बहुत महत्व दिया जाता है ऐसा भोजन जिसमें ताज़े फल, सब्ज़ियां, दूध और हल्का, पौष्टिक खाना शामिल हो. ऐसा भोजन मन को शांत और स्थिर रखने में मदद करता है. इसके अलावा, सकारात्मक सोच भी मानसिक स्वास्थ्य का एक बहुत जरूरी हिस्सा है.

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