नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल वाले व्यक्ति को भी होता है हार्ट अटैक का खतरा? कैसे करें पहचान और बचाव?
Cholesterol Level Increase Heart Attack: कोलेस्ट्रॉल के बढ़ते खतरे के कारण लोगों में हार्ट अटैक की समस्या हो जाती है. हालांकि आज के समय में हार्ट अटैक सिर्फ हाई LDL या लो HDL के कारण ही नहीं होता. खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट ‘नॉर्मल’ आने के बावजूद भी लाखों लोग हार्ट अटैक का शिकार बन रहे हैं. लेटेस्ट मेडिकल रिसर्च से पता चला है कि छिपे हुए लिपोप्रोटीन पार्टिकल्स से हार्ट अटैक का असली खतरा होता है. इसको आम ब्लड टेस्ट से नहीं पकड़ा जा सकता.
साइलेंट किलर है लिपोप्रोटीन
हार्ट अटैक के कारण लिपोप्रोटीन (a) [Lp(a)], एपोलीपोप्रोटीन बी (ApoB) रिच पार्टिकल्स और remnant cholesterol particles जाकर धमनियों में खतरनाक प्लाक जमा कर देते हैं. जानकारी के अनुसार, लिपोप्रोटीन एक जेनेटिक साइलेंट हार्ट किलर होता है, जो फैमिली से मिलता है. ये खून में ब्लड क्लॉट बनाना तेज कर देता है. साथ ही ये आर्टरी को बहुत जल्दी ब्लॉक कर सकता है.
नहीं बदला जा सकता लिपोप्रोटीन
इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि लिपोप्रोटीन का लेवल लाइफस्टाइल में सुधार करने और डाइट में बदलाव करने के बाद भी ज्यादा नहीं बदला जा सकता.
विरासत में मिलता है साइलेंट हार्ट किलर
बता दें कि सिर्फ लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने से हार्ट अटैक के खतरे के बारे में पता नहीं चल सकता.डॉक्टर से 'कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम स्कोर, और लिपोप्रोटीन टेस्ट कराने की सलाह लें. इन टेस्ट से धमनियों में छिपे प्लाक को पहले ही भांप सकते हैं. अगर परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक का रिकॉर्ड हो, तो रिस्क और बढ़ जाता है.
तनाव और खानपान के कारण बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल
इसके अलावा अगर आप ज्यादा तनाव लेते हैं, खराब खानपान और शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते हैं, तो हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है. आपको चाहिए कि आप नियमित समय पर बीपी और शुगर का स्तर सामान्य सीमा में रखें और समय-समय पर जांच कराते रहें.
कैसे करें हार्ट अटैक से बचाव?
अगर आप हार्ट अटैक की समस्या से बचना चाहते हैं, तो आपको फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए. आपको अपने खाने में फल, हरी सब्जियां, ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन करें.
तले हुए खाने से रहें दूर
आपको ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए. आपको ज्यादा तला-भुना, मैदे से बनी हुई चीजें नहीं खानी चाहिए.
एक्सरसाइज और वॉक जरूरी
साथ ही आपको रोजाना लगभग 30 से 45 मिनट मीडियम एक्सरसाइज करनी चाहिए. अगर आप चाहें, तो तेज गति में चल सकते हैं.
नींद और मेडिटेशन
कोलेस्ट्रोल से बचने के लिए योग, मेडिटेशन करना चाहिए. 7-8 घंटों की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए. आपको धूम्रपान और शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए.