पुरानी घिसी पिटी प्रेम कहानियां नहीं…. प्यार, जुनून और डर को बॉलीवुड फिल्मों में इन कलाकारों ने
Actrors Who Changed Bollywood: पहले के समय में बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई गई प्रेम कहानियां साफ-सुथरी, सुरक्षित होती थी, जिसकी एंडिंग हैप्पी होती थी. लेकिन जैसे-जैसे समय बदला, तो कुछ कलाकारो ने ऐसी बोरिंग कहानियों से हटने का फैसला लिया और उन्होंने ऐसी कहानियां चुनी, जिसमें प्यार सिर्फ खूबसूरत एहसास नहीं, बल्कि उलझन, जुनून, डर और उनके नतीजों से जुड़ी थी. ऐसी कहानियां चुनी गई, जिनमें रिश्ते परफेक्ट नहीं थे, किरदार कमजोर थे, लोग की भवनाएं बदल सकती थी. ठीक वैसे ही जैसे रियल लाइफ में होता है. इन अभिनेताओं ने बताया कि अगर कहानी ऐसी हो, जैसा रियल लाइफ में होता है, तो दर्शक को वो पसंद आएगी. बॉलीवुड की ऐसी फिल्मों ने बताया कि जोखिम लेना भी सिनेमा को आगे बढ़ा सकता है.
इमरान हाशमी (Emraan Hashmi)
इमरान हाशमी की फिल्मों को देखकर लोगों ने उन्हें हमेशा इरॉटिक थ्रिलर से जोड़ा है, लेकिन उनकी खासियत यह है वो नजदीकियों को मनोविज्ञान से जोड़ा. इमरान हाशमी की फिल्मों में शारीरिकता सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि किरदार और सस्पेंस को आगे बढ़ाने का जरिया हैं, जो लोगों की नई सोच और जीवन की रियलिटी को दिखाता है.
रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor)
रणबीर कपूर ने बॉलीवुड फिल्मों में काम करने के लिए हमेशा जुनून, उलझन और नैतिक दुविधाओं से भरी कहानियाँ चुनीं. एक्टर साबित करते हैं कि मेनस्ट्रीम स्टार भी बिना हल्का किए हुए डार्क और असहज विषय चुन सकता है.
शाहिद कपूर (Shahid Kapoor)
शाहिद ने की फिल्मों में काम किया हैं, जब उन्होंने फिल्मों में एंट्री ली थई, तो लोग उन्हें चोक्लेट बॉय करते थे, लेकिन बाद में एक्टर ने फिल्मों में ऐसे किरदार निभाए, जो गुस्सैल और कमजोर पुरुष के किरदारों को दिखाते हैं. उनकी एडल्ट थिम भूमिका पर कई बार बहस छेड़ी जा चुकी है.
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui)
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी बेहतरीन कलाकरों में से एक हैं, उन्होंने वर्जित और असहज विषयों को जमीन से जोड़ने की कहानियों को चुना है. उनकी अदाकारी में चमक-दमक नहीं, बल्कि लोगों को सच्चाई दिखाने का काम करती है.
विक्की कौशल (Vicky Kaushal)
विक्की कौशल ने हमेशा अपनी फिल्मों के लिए ईमानदारी और संवेदनशीलता भरी कहानियां चुनी है. उनकी फिल्मों में वयस्कता शॉक के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक नतीजों को दिखाती है. एक्टर अपने किरदार में को रियल बनाने के लिए पूरी जान डाल देते हैं.
राजकुमार राव (Rajkummar Rao)
राजकुमार राव ने अपनी शुरुआती दौर में ही प्रयोगधर्मी फिल्में को चुना था, उन्होंने दिखाया कि नजदीकी और वयस्क विषय वाले किरदार भी गहराई दे सकते हैं, इनसे ध्यान नहीं भटकाता हैं.
परिपक्व सिनेमा है जरूरी
इन सभी कलाकारों ने यह दिखाया हैं कि जटिल रिश्ते, भावनात्मक परिणाम और इंसानी कमजोरिया भी ईमानदारी से बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई जा सकती हैं. उन्होंने साबित किया कि परिपक्व सिनेमा अलग नहीं, बल्कि जरूरी भी है