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Rupya vs Dollar: संकट में रुपया! मिडिल ईस्ट की जंग और कच्चे तेल की आंच, क्या 100 के करीब पहुंचेगा डॉलर?

Israel-Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की तपिश अब आपकी जेब तक पहुंच रही है. कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग ने भारतीय रुपये की कमर तोड़ दी है, जो इतिहास के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इस गिरावट से न सिर्फ डॉलर महंगा हुआ है, बल्कि महंगाई का खतरा भी गहरा गया है. 

Last Updated: March 21, 2026 | 10:18 PM IST
Rupee Sharp Fall - Photo Gallery
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रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और 100 का डर

शुक्रवार को भारतीय रुपया अपने इतिहास के सबसे निचले स्तर 93.71 पर बंद हुआ. एक ही दिन में 108 पैसे की यह गिरावट पिछले चार साल की सबसे बड़ी गिरावट है. मार्च महीने में अब तक रुपया 266 पैसे टूट चुका है. बाजार विशेषज्ञों को डर है कि यदि स्थितियां नहीं सुधरीं, तो रुपया जल्द ही 100 के स्तर को पार कर सकता है.

middle east conflict - Photo Gallery
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कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने कच्चे तेल की कीमतों को 156 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 88% तेल आयात करता है इसलिए महंगे तेल के भुगतान के लिए डॉलर की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे रुपये पर भारी दबाव है.

Exodus of Foreign Investors (FIIs) - Photo Gallery
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विदेशी निवेशकों (FII) का पलायन

अनिश्चितता के माहौल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च महीने में भारतीय शेयर बाजार से लगभग 8.5 अरब डॉलर (करीब 80,000 करोड़ रुपये) निकाल लिए हैं. जब विदेशी निवेशक अपना पैसा निकालते हैं तो वे रुपये बेचकर डॉलर खरीदते हैं, जिससे डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर हो जाता है.

The Dollar's Luster as a Safe-Haven Investment - Photo Gallery
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सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की चमक

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है. ऐसे जोखिम भरे समय में निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकालकर अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित ठिकानों में लगा रहे हैं. इस वैश्विक 'सेफ हेवन' डिमांड ने डॉलर को अन्य सभी करेंसी के मुकाबले मजबूत कर दिया है.

Rising Current Account Deficit (CAD) - Photo Gallery
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बढ़ता चालू खाता घाटा (CAD)

ऊर्जा की ऊंची कीमतों और कमजोर व्यापार आंकड़ों ने भारत के चालू खाता घाटे को बढ़ाने का डर पैदा कर दिया है. आयात बिल बढ़ने और निर्यात घटने की आशंका से करेंसी मार्केट में रुपये को लेकर सेंटिमेंट नकारात्मक हो गए हैं.

RBI's Strategy and Intervention - Photo Gallery
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RBI की रणनीति और हस्तक्षेप

RBI स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है. अनुमान है कि मार्च में RBI ने रुपये को सहारा देने के लिए 15 अरब डॉलर से ज्यादा बेचे हैं. हालांकि, केंद्रीय बैंक बहुत ज्यादा आक्रामक हस्तक्षेप से बच रहा है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहे और बाजार की ताकतें खुद को संतुलित कर सकें.

Impact on the Common Man and Industry - Photo Gallery
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आम आदमी और इंडस्ट्री पर असर

रुपये के गिरने का सीधा मतलब है महंगाई. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं और आयातित मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो जाएंगे. कच्चा माल महंगा होने से कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन घटेगा। जिन कंपनियों ने विदेशी कर्ज लिया है, उन पर कर्ज चुकाने का बोझ बढ़ जाएगा.

A Major Challenge for the Indian Economy - Photo Gallery
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भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती

रुपये की कमजोरी से व्यापार घाटा बढ़ेगा, जिससे देश की आर्थिक विकास दर पर असर पड़ सकता है. महंगाई बढ़ने के डर से RBI ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है, जिससे लोन महंगे बने रहेंगे और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है.

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