India News (इंडिया न्यूज), BCCI New Rules For Cricketers: भारतीय टीम में अब नहीं खिलाड़ी अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने क्रिकेटरों के लिए सख्त नियम बना दिए हैं। अब खिलाड़ी दौरे पर हर समय अपने परिवार के साथ नहीं रह सकते। निजी स्टाफ की मौजूदगी भी कम कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम में अनुशासन लाने के लिए हेड कोच गौतम गंभीर के कहने पर ये फैसले लिए गए हैं। आइए आपको बताते हैं वो सभी वजहें जिनकी वजह से खिलाड़ियों पर अनुशासन थोपा गया है।
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टीम इंडिया में स्टार कल्चर पूरी तरह हावी था। सीनियर खिलाड़ी अपनी मनमानी कर रहे थे, जिसे देखकर नए खिलाड़ियों ने भी वही रवैया अपना लिया। मीडिया रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन यह पहचानना आसान है कि बात किसकी हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक विकेटकीपर दौरे पर अपने निजी शेफ के साथ जाता है, जबकि एक स्टार बल्लेबाज की टीम में सुरक्षा गार्ड और बच्चे की देखभाल के लिए नैनी होती है। जाहिर है, यहां इशारा ऋषभ पंत और विराट कोहली की तरफ था। इसके अलावा कुछ अन्य खिलाड़ी भी अपने साथ स्टाफ लेकर जाते हैं।
New Rules For Cricketers
अभी तक भारतीय टीम के खिलाड़ियों के कई निजी स्टाफ टीम के होटल के कमरों, नाश्ते की टेबल और होटल की लॉबी में देखे जाते थे। यह नियम कोच गौतम गंभीर के निजी मैनेजर पर भी लागू होगा। बारबाडोस में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जिस फ्लाइट से टीम इंडिया वापस लौटी, तब भी सभी सहयोगी स्टाफ उसी प्लेन में थे, हालांकि तब हालात अलग थे। रिपोर्ट में आगे एक सूत्र का जिक्र किया गया, जिसने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बुरी तरह फ्लॉप रहा एक खिलाड़ी 19 बैट लेकर यात्रा कर रहा था।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025: भारत के खेल नायकों को राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित
कई खिलाड़ियों के लगेज में परिवार और सहायकों का सामान भी रखा जाता है, इस अतिरिक्त लगेज का शुल्क बीसीसीआई को देना पड़ता है। बीसीसीआई अब यात्रा के दौरान 150 किलो तक के लगेज का ही शुल्क चुकाएगा। इससे ज्यादा वजन होने पर खिलाड़ियों को अपना बकाया पैसा खुद चुकाना होगा। ये सभी कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिए 10 सख्त कार्रवाई नियम बनाने के लिए काफी थे।
केन्या में खो-खो का नया युग: डॉ. हीरेन पाठक की प्रेरक कहानी