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इयोन मॉर्गन से लेकर एड जॉयस तक, एक नहीं दो देशों के लिए खेले ये क्रिकेटर; कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान

Dual Nationality Cricketers: दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होने दो अलग-अलग देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और अपने साहसिक फैसलों से क्रिकेट इतिहास में खास जगह बनाई.

Dual Nationality Cricketers: क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए जुनून, पहचान और सपना है. हम अक्सर किसी खिलाड़ी को उसके देश की जर्सी में देखकर यही मान लेते हैं कि उसका सफर भी उतना ही सीधा रहा होगा. लेकिन हकीकत इससे कहीं ज़्यादा दिलचस्प है.
दुनिया के कई मशहूर क्रिकेटर ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने जन्मस्थान से दूर जाकर किसी और देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. किसी को अपने देश में मौके नहीं मिले, किसी को राजनीतिक हालात ने मजबूर किया, तो किसी ने बेहतर भविष्य और सम्मान के लिए नया रास्ता चुना.

इन खिलाड़ियों की कहानियां सिर्फ रन और विकेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संघर्ष, पहचान और साहसिक फैसलों की दास्तान हैं. एक ऐसी दास्तान, जहां देश बदल जाता है, लेकिन क्रिकेट के लिए जुनून वही रहता है.आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं उन क्रिकेटरों से, जिन्होंने एक नहीं बल्कि दो देशों के लिए मैदान पर पसीना बहाया और इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई.

1. इयोन मॉर्गन (आयरलैंड और इंग्लैंड)

शायद लोग क्रिकेट खेलने के लिए दूसरे देशों में क्यों जाते हैं, इसका सबसे अच्छा उदाहरण इयोन मॉर्गन होंगे. उन्होंने 2006 में आयरिश नेशनल टीम के साथ शुरुआत की और स्कॉटलैंड के खिलाफ 99 रन बनाकर शानदार डेब्यू किया. 2009 में उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया और आखिरकार उन्हें 2019 वर्ल्ड कप तक पहुंचाया.

2. केप्लर वेसल्स (ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका)

केप्लर वेसल्स को जानकर आपको ऐसा लगेगा कि कोई खिलाड़ी ऐसा भी कर सकता है. बता दें उनका जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ था उन्होंने 1982 में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना शुरू किया. 1986 में रिटायर हुए और 1992 में साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम के साथ वापसी की. वह उन कुछ खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने असल में दो अलग-अलग टीमों के लिए वर्ल्ड कप खेला है. 2008 में उन्होंने IPL में चेन्नई सुपर किंग्स को कोचिंग दी.

3. बॉयड रैंकिन (आयरलैंड और इंग्लैंड)

बॉयड ने 2007 में आयरलैंड के लिए खेलना शुरू किया. इसके बाद 2013 में उन्होने इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया और फिर 2016 में आयरलैंड लौट आए. अगर आप खेल के सच्चे फ़ैन हैं तो आप उन्हें याद रखेंगे क्योंकी वो एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं. 2007 का वर्ल्ड कप याद है जब पाकिस्तान 132 रन पर ऑल आउट होने के बाद आयरलैंड से हार गया था? रैंकिन ने उस दिन 3/32 विकेट लिए थे और पाकिस्तानी बैटिंग लाइन अप को तहस-नहस करने में अहम भूमिका निभाई थी.

Cricketers who represented two countries 1

4. क्लेटन लैम्बर्ट (वेस्ट इंडीज़ और USA)

क्लेटन लैम्बर्ट 1991से 1998 तक वेस्ट इंडीज़ के लिए खेले. जब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका ने 2004 ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी में खेला, तो लैम्बर्ट ने अमेरिकियों को रिप्रेज़ेंट किया. वह एक क्रिकेटिंग मैस्कॉट के तौर पर टीम में शामिल हुए ताकि अमेरिका में क्रिकेट को पॉपुलैरिटी मिले.

5. एड जॉयस (आयरलैंड और इंग्लैंड)

रैंकिन की तरह जॉयस ने भी सबसे पहले आयरलैंड के लिए खेलना शुरू किया. 2005 में वो इंग्लैंड चले गए और 2011 में आयरलैंड लौट आए. उन्हें आयरलैंड के अब तक के सबसे अच्छे क्रिकेटरों में से एक माना जाता है. वह 2018 में आयरलैंड के पहले टेस्ट मैच में खेलने वाली टीम का भी हिस्सा थे. उस मैच के बाद उन्होंने सभी तरह के प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की और कोचिंग पर ध्यान देना शुरू कर दिया.

6. ल्यूक रोंची (ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड)

ल्यूक रोंची का जन्म न्यूज़ीलैंड में हुआ था लेकिन न्यूज़ीलैंड जाने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलना शुरू किया. उन्होंने 2013 में न्यूज़ीलैंड की नेशनल टीम के लिए डेब्यू किया. अपने रिटायरमेंट के बाद से वह कई टीमों को विकेटकीपिंग की कोचिंग दे रहे हैं, जिसमें न्यूज़ीलैंड की नेशनल टीम भी शामिल है जिसने 2019 वर्ल्ड कप में हमारा दिल जीता था.

Cricketers who represented two countries

7. गेरेंट जोन्स  (इंग्लैंड और पापुआ न्यू गिनी)

पापुआ न्यू गिनी में जन्मे गेरेंट जोन्स ने 2004 में इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया, और 2006 तक वहीं रहे. इस दौरान, वह विकेटकीपर के लिए उनकी पहली पसंद थे. 2012 में, उन्होंने पापुआ न्यू गिनी के लिए फिर से इंटरनेशनल लेवल पर खेलना शुरू किया.

8. डर्क नैनेस ( नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया)

डच माता-पिता के घर जन्मे डर्क नैनेस को अक्सर ऑस्ट्रेलियाई टीम नज़रअंदाज़ करती थी. इसलिए उन्होंने 2009 में ICC वर्ल्ड 20-20 के लिए नीदरलैंड्स की नेशनल टीम में शामिल होने का फैसला किया. वहां उन्होंने इंग्लैंड सहित कई जानी-मानी टीमों के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. इसलिए, नीदरलैंड्स के लिए डेब्यू करने के सिर्फ़ 2 महीने बाद, उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बुला लिया.

अगर आप सोच रहे हैं कि इस लिस्ट में केविन पीटरसन क्यों नहीं हैं, तो वजह साफ है. उन्होंने कभी दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम के लिए मैच नहीं खेला, भले ही उन्होंने कोशिश की हो. इसी तरह, भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद पाकिस्तान के लिए खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी या आज़ादी से पहले ब्रिटिश टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ी यहां शामिल नहीं हैं.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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