India News (इंडिया न्यूज),Champions Trophy 2025:टीम इंडिया ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। अब तीसरी बार इसे जीतने के साथ ही भारतीय टीम इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम भी बन गई है। टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में बिना हारे यह ट्रॉफी अपने नाम की है। इस सफलता में टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का बड़ा योगदान है। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान 5 बड़े मूव बनाए, जिसके सामने सभी टीमें मात खा गईं। उनके इन अहम फैसलों की वजह से भारत टूर्नामेंट का चैंपियन बना। आइए जानते हैं गंभीर के इन 5 फैसलों के बारे में।
1.अक्षर पटेल आमतौर पर वनडे क्रिकेट में निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन गौतम गंभीर ने इस टूर्नामेंट में उनकी बल्लेबाजी पोजीशन बदलकर नंबर 5 पर कर दी। इसके लिए गंभीर की काफी आलोचना हुई, लेकिन अंत में यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। इससे टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप में संतुलन आया। साथ ही बल्लेबाजी में गहराई आई। अक्षर ने मिडिल ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाज की कमी को पूरा किया और ट्रंप कार्ड की तरह काम किया। उन्होंने लगभग हर मैच में छोटी लेकिन प्रभावी पारी खेली।
Champions Trophy 2025
2.केएल राहुल पहले नंबर 5 पर खेल रहे थे। वे बीच के ओवरों में टीम को संभालते थे। लेकिन गंभीर ने यह जिम्मेदारी अक्षर को दे दी और राहुल से फिनिशर की भूमिका निभाने को कहा। उनके इस फैसले पर खूब हंगामा हुआ, लेकिन यह टूर्नामेंट में गेम चेंजर साबित हुआ। राहुल के नीचे आने से ड्रेसिंग रूम में तनाव भी कम हुआ। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी इस बात से सहमत थे। पहले ही मैच में राहुल ने नाबाद 41 रन बनाकर टीम को मैच जिताया। फिर सेमीफाइनल में भी उन्होंने नाबाद 42 रन बनाए और फाइनल में उन्होंने 33 गेंदों पर नाबाद 34 रन बनाकर टीम को विजयी बनाया।
3.इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में 4 स्पिनर रखे गए थे। लेकिन गौतम गंभीर ने आखिरी मौके पर यशस्वी जायसवाल को हटाकर वरुण चक्रवर्ती की एंट्री कराई। गंभीर के इस फैसले के खिलाफ सभी थे। टीम में 5 से ज्यादा स्पिनर रखने पर सवाल उठे थे। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज में, फिर सेमीफाइनल और फाइनल में वरुण चक्रवर्ती एक्स फैक्टर साबित हुए। हर बल्लेबाज के लिए उन्हें पढ़ना मुश्किल हो गया।नतीजा यह रहा कि ग्रुप स्टेज के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट और सेमीफाइनल में ट्रैविस हेड समेत 2 अहम विकेट चटकाए। फाइनल में जब भारतीय टीम पहले विकेट के लिए तरस रही थी, तब वरुण ने ही आकर विल यंग को आउट कर साझेदारी तोड़ी। इसके बाद उन्होंने धमाकेदार बल्लेबाजी कर रहे ग्लेन फिलिप्स को भी आउट किया। इस तरह खिताबी मुकाबले में वरुण ने 10 ओवर में 45 रन देकर 2 विकेट चटकाए। इतना ही नहीं, महज 3 मैचों में 9 विकेट लेकर वे पूरे टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे।
4.आमतौर पर वनडे में कोई भी टीम 2 स्पिनर खिलाती है। कई बार पिच के ज्यादा मददगार होने पर 3 स्पिनर भी देखने को मिलते हैं। लेकिन दुबई की पिच और कंडीशन को देखते हुए गंभीर ने टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में अपने 5 में से 4 स्पिनर्स को उतारने का फैसला किया, जिसका फायदा भारत को मिला। ये सभी स्पिनर्स मैच विनर साबित हुए। इनके खिलाफ रन बनाना मुश्किल था। हर मैच में इनके 40 ओवर की बदौलत टीम इंडिया ने विरोधी टीम को हराया।
5.चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले जसप्रीत बुमराह चोट के कारण टीम से बाहर हो गए थे। इसके बाद गंभीर ने मौका देखकर सबसे पहले हर्षित राणा को टीम में शामिल किया। फिर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह दी। हर्षित के चयन पर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे। अनुभव की कमी के कारण सभी का मानना था कि उनकी जगह मोहम्मद सिराज को चुना जाना चाहिए था।वहीं, जब हर्षित का टीम में चयन हुआ तो उनकी जगह बाएं हाथ के अर्शदीप सिंह को खिलाने पर बहस शुरू हो गई, क्योंकि उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अपना हुनर दिखाया था। लेकिन गंभीर ने किसी की नहीं सुनी और हर्षित राणा को तरजीह दी। हर्षित ने दो मैच खेले और दोनों में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के लिए विकेट लिए।
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