Cricketers Turns Politician: क्रिकेट का मैदान हो या राजनीति का, दोनों जगह नेतृत्व और जनता से जुड़ाव बहुत मायने रखते हैं. भारत में कई क्रिकेटर ऐसे रहे हैं जिन्होंने क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई. आइए जानते हैं कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में.
सबसे पहले बात करते हैं गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की. 2011 वर्ल्ड कप में अहम पारी खेलने वाले गंभीर ने 2019 में राजनीति में कदम रखा और भारतीय जनता पार्टी से सांसद बने. वे सामाजिक मुद्दों और शिक्षा से जुड़े कामों में सक्रिय हैं. हालांकि, वह वह दिल्ली से सांसद नहीं है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी के साथ अब भी जुड़े हैं.
दूसरा नाम है नवजोत सिंह सुिद्दू (Navjot Siddhu), जो अपने आक्रामक बल्लेबाजी और बेबाक अंदाज के लिए जाने गए. मशहूर सिद्धू ने क्रिकेट के बाद राजनीति में कदम रखा. वे पहले बीजेपी में थे और बाद में कांग्रेस जॉइन करके पंजाब सरकार में मंत्री भी बने. वह एंटरटेनमेंट की दुनिया में भी काफी एक्टिव हैं.
तीसरे खिलाड़ी हैं मोहम्मद अजहरउद्दीन (Mohammad Azharduddin), भारत के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कांग्रेस पार्टी जॉइन की और सांसद बने. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में भी सक्रिय भूमिका निभाई. अजहरुद्दीन ने 31 अक्टूबर 2025 को तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री के रूप में शपथ ली. 10 नवंबर को उन्होंने तेलंगाना सचिवालय में इसका कार्यभार संभाला.
चौथे नाम हैं युसूफ पठान (Yusuf Pathan). अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी के लिए प्रसिद्ध यूसुफ पठान ने हाल के वर्षों में राजनीति में कदम रखा और जनता के बीच अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की. वह पश्चिम बंगाल के बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं.
इसके अलावा अशोक डिंडा (Ashok Dinda) भी इस सूची में शामिल हैं. पूर्व तेज गेंदबाज डिंडा ने राजनीति में कदम रखा और पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हैं. वह वह पश्चिम बंगाल के मोयना विधामसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं.