Naman Tiwari: नमन सिर्फ 20 साल के हैं लेकिन इस उम्र में भी उनमें लगातार 140 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से बॉलिंग करने की काबिलियत है, जो इंडियन क्रिकेट में आज भी बहुत कम देखने को मिलता है. नमन 2024 में इंडिया की अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनलिस्ट टीम का हिस्सा थे और टूर्नामेंट में देश के सबसे ज़्यादा 12 विकेट लेने वाले बॉलर बने थे. इस साल उन्हें UP T20 लीग में मौका दिया गया, जहाँ उन्होंने 16 की शानदार एवरेज से 19 विकेट लिए.
नमन तिवारी कौन हैं?
Naman Tiwari: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने कन्फर्म किया है कि पेसर मयंक यादव और नमन तिवारी बुधवार को इकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 कैंपेन के पहले मैच में खेलने के लिए फिट हैं. एलएसजी के पास एक मजबूत इंडियन फास्ट बॉलिंग लाइन-अप है, जिसमें मयंक, नमन, आकाश सिंह, आवेश खान, प्रिंस यादव और अर्जुन तेंदुलकर के साथ अनुभवी मोहम्मद शमी शामिल हैं. नमन और मयंक की फिटनेस और पोटेंशियल के बारे में बात करते हुए, लैंगर ने कहा, “हां, वे दोनों फिट हैं. वे दोनों बहुत एक्साइटिंग प्रॉस्पेक्ट्स हैं. और उनका फ्यूचर बहुत अच्छा है.” इसके बाद से हर तरफ नमन तिवारी ट्रेंड कर रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि कौन हैं नमन तिवारी और उनको लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
नमन तिवारी सिर्फ आठ साल के थे जब उन्होंने अखबार से सचिन तेंदुलकर की तस्वीरें काटकर जमा करनी शुरू कीं. वो उन्हें एक नोटबुक में चिपकाते और स्कूल की किताबों के पीछे छिपा देते. उनके पिता सूर्यनाथ तिवारी को लगता था कि बेटा पढ़ाई कर रहा है, लेकिन वो दरअसल उस स्पीड के सपने सजा रहा था जिसे उसने कभी लाइव नहीं देखा था.
लखनऊ के गोमती नगर में एक किराए के कमरे में रहने वाला तिवारी परिवार हर दिन संघर्ष करता था. पिता सुबह 5 बजे उठते दिन में मजदूरी करते और शाम को LIC की पॉलिसी बेचते. तीन बेटियां पढ़ रही थीं ऐसे में क्रिकेट एक लग्जरी था. लेकिन नमन की जिद नहीं टूटी. एक साल, दो साल आखिरकार 9 साल की उम्र में पिता ने उसे अकादमी में दाखिला दिला दिया. लेकिन साथ ही कहा “इस देश में 150 करोड़ लोग हैं, कितने इंडिया के लिए खेलते हैं?”
अकादमी में 40 लड़के थे जिनमें 39 बल्लेबाज बनना चाहते थे. नमन घंटों इंतजार करता, लेकिन गेंदबाजों को कभी लाइन में नहीं लगना पड़ता. उसने फैसला कर लिया
वो बल्लेबाज नहीं, तेज गेंदबाज बनेगा.12 साल की उम्र में उसने खुद से वादा किया दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बनेगा.
16 दिसंबर को अबू धाबी में प्लेयर ऑक्शन के दौरान जब 20 साल के फास्ट बॉलर नमन तिवारी का नाम आया तो दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच बोलियों की झड़ी लग गई. जल्द ही लखनऊ सुपर जायंट्स भी इसमें शामिल हो गए और 15 बोलियों के बाद लखनऊ ने आखिरकार इस युवा भारतीय बॉलर को खरीद लिया. सिर्फ ₹30 लाख के बेस प्राइस पर रजिस्टर्ड, लखनऊ ने नमन के लिए ₹1 करोड़ की बोली लगाई, जो तीन गुना से भी ज़्यादा थी.
नमन सिर्फ 20 साल के हैं लेकिन इस उम्र में भी उनमें लगातार 140 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से बॉलिंग करने की काबिलियत है, जो इंडियन क्रिकेट में आज भी बहुत कम देखने को मिलता है. नमन 2024 में इंडिया की अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनलिस्ट टीम का हिस्सा थे और टूर्नामेंट में देश के सबसे ज़्यादा 12 विकेट लेने वाले बॉलर बने थे. इस साल उन्हें UP T20 लीग में मौका दिया गया, जहाँ उन्होंने 16 की शानदार एवरेज से 19 विकेट लिए.
इस परफॉर्मेंस ने को यकीन दिलाया कि वे उन पर भरोसा कर सकते हैं. ESPN-क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक नमन पिछले दो लगातार सीज़न से फ्रेंचाइजी के लिए नेट बॉलर के तौर पर काम कर रहे थे. ऐसे में फ्रेंचाइजी का मैनेजमेंट उन पर नजर रखे हुए था. उन्हें बस अपनी परफॉर्मेंस से सबको इम्प्रेस करना था. लखनऊ के साथ उनका समय नमन के लिए फायदेमंद साबित हुआ, क्योंकि उन्होंने महान इंडियन फास्ट बॉलर ज़हीर खान से बहुत कुछ सीखा. ज़हीर पिछले सीज़न में एलएसजी के मेंटर थे और इस दौरान उन्होंने नमन को इनस्विंग की कला सिखाई, जिससे इस युवा बॉलर को काफी मदद मिली.
जब राजस्थान रॉयल्स ने 2021 में लखनऊ में एक कॉन्टेस्ट रखा तो नमन ने 16 साल की उम्र में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की शानदार स्पीड से इवेंट जीता. वहां से राजस्थान ने उन्हें नेट बॉलर के तौर पर बुलायाऔर नमन को अपने हीरो ट्रेंट बोल्ट से मिलने का मौका मिला. इस दौरान उन्हें बोल्ट से बातचीत करने और श्रीलंका के महान पेसर लसिथ मलिंगा से बॉलिंग की बारीकियां सीखने का मौका मिला.
लेकिन भारत के छोटे और बड़े शहरों से निकलने वाले हर क्रिकेटर की तरह, नमन के करियर में भी परिवार का बड़ा रोल रहा. ऐसे में उनके पिता की बिगड़ती सेहत ने एक युवा लड़के को क्रिकेट के प्रति सीरियस बना दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नमन सिर्फ 12 साल के थे, तब उनके पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी कॉन्ट्रैक्टर की नौकरी चली गई. उनके पिता ने इंश्योरेंस एजेंट के तौर पर काम करना शुरू किया, लेकिन उनकी इनकम कम होने लगी. इस दौरान, नमन, जो पहले सिर्फ टाइम पास करने के लिए क्रिकेट एकेडमी जाते थे, उन्होंने गेम को सीरियसली लेना शुरू कर दिया.
बहुत जल्दी, नमन ने उत्तर प्रदेश की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 टीमों में जगह बना ली. धीरे-धीरे उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी में अपना जलवा बिखेरा जिससे BCCI के जूनियर सिलेक्टर्स का ध्यान उन पर गया. इससे उन्हें अंडर-19 टीम में जगह मिली और फिर 2024 वर्ल्ड कप में इस बॉलर ने इंडिया के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेकर खुद को साबित किया. अंडर-19 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद नमन ने लखनऊ में अपना घर खरीदा और अब उनका पूरा परिवार किराए का घर छोड़कर इसी घर में रहता है.
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